KYC, बैंक, UPI… हर मैसेज पर भरोसा पड़ सकता है भारी!!!
भारत में SMS ठगी का बड़ा विस्फोट: सिर्फ एक साल में 146% बढ़े मैसेज स्कैम, मोबाइल यूजर्स सबसे बड़े निशाने पर…
भारत में साइबर अपराध तेजी से बदल रहा है। पहले ठग फर्जी कॉल या ईमेल के जरिए लोगों को निशाना बनाते थे, लेकिन अब सबसे बड़ा हथियार SMS (टेक्स्ट मैसेज) बन चुका है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में SMS के जरिए होने वाली बैंकिंग और डिजिटल ठगी के मामलों में 146% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही मोबाइल फोन के जरिए होने वाले कुल साइबर फ्रॉड में भी 67% की वृद्धि हुई है।
आखिर क्या कहती है रिपोर्ट?
फ्रॉड प्रिवेंशन कंपनी BioCatch की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की दूसरी छमाही की तुलना में 2026 की पहली छमाही में SMS आधारित ठगी में 146% की बढ़ोतरी हुई।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष:
- SMS आधारित साइबर ठगी में 146% की वृद्धि
- मोबाइल फ्रॉड सेशन में 67% की बढ़ोतरी
- iPhone (iOS) यूजर्स पर हमले 86% बढ़े
- Android यूजर्स पर हमले 35% बढ़े
- वेब ब्राउज़र के जरिए होने वाले फ्रॉड 10% घटे, यानी अपराधी अब मोबाइल को ज्यादा निशाना बना रहे हैं।
- ठगी की कोशिशों में भेजी जाने वाली रकम का औसत मूल्य 35% बढ़ गया।
- ठग अब पहले से कम समय में लोगों से पैसा निकलवा रहे हैं।
SMS स्कैम कैसे काम करता है?
आज के साइबर अपराधी ऐसे मैसेज भेजते हैं जो बिल्कुल बैंक, UPI ऐप, टेलीकॉम कंपनी, सरकारी विभाग या डिलीवरी कंपनी जैसे दिखते हैं।
उदाहरण:
- आपका KYC अपडेट नहीं हुआ।
- आपका बैंक अकाउंट बंद होने वाला है।
- आपका पार्सल कस्टम में फंस गया है।
- आपके खाते से संदिग्ध ट्रांजैक्शन हुआ है।
- आपका UPI बंद हो जाएगा।
- इनकम टैक्स रिफंड पाने के लिए लिंक खोलें।
मैसेज में दिए गए लिंक पर क्लिक करते ही फर्जी वेबसाइट खुल जाती है, जहां यूजर से बैंक डिटेल, OTP, MPIN या कार्ड जानकारी मांगी जाती है। कई मामलों में मोबाइल में मालवेयर या रिमोट एक्सेस ऐप भी इंस्टॉल करा दिया जाता है।
अपराधी अब पहले से ज्यादा खतरनाक क्यों हो गए हैं?
रिपोर्ट बताती है कि ठग अब सोशल इंजीनियरिंग और ऑटोमेशन का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे पहले लोगों का भरोसा जीतते हैं, फिर जल्दबाजी और डर का माहौल बनाकर कुछ ही मिनटों में पैसे ट्रांसफर करा लेते हैं। कॉल का समय घट गया है, लेकिन सफलता दर बढ़ गई है।
भारत में डिजिटल भुगतान जितना बढ़ा, खतरा भी उतना बढ़ा
UPI, मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन शॉपिंग और डिजिटल निवेश के तेजी से बढ़ने के कारण भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान बाजारों में शामिल हो गया है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों के लिए भारत एक बड़ा लक्ष्य बन चुका है।
चौंकाने वाले राष्ट्रीय आंकड़े
रिपोर्ट और सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- वर्ष 2025 में साइबर फ्रॉड से जुड़े 26.48 लाख से अधिक म्यूल (Mule) अकाउंट सामने आए।
- विभिन्न बैंकों की 700 से अधिक शाखाओं में लगभग 8.5 लाख संदिग्ध म्यूल अकाउंट चिन्हित किए गए।
- 2025 में साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों में लगभग ₹22,496 करोड़ की वित्तीय धोखाधड़ी दर्ज हुई।
- संदिग्ध खातों की पहचान और कार्रवाई के जरिए लगभग ₹9,055 करोड़ के लेन-देन रोके गए।
कौन सबसे ज्यादा निशाने पर है?
- वरिष्ठ नागरिक
- नए स्मार्टफोन यूजर
- UPI का अधिक उपयोग करने वाले लोग
- ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहक
- छोटे व्यापारी
- नौकरी तलाशने वाले
- निवेश करने वाले लोग
ऐसे करें अपनी सुरक्षा
✔ किसी भी SMS में आए लिंक पर तुरंत क्लिक न करें।
✔ बैंक या सरकारी संस्था कभी भी SMS पर OTP, MPIN या पासवर्ड नहीं मांगती।
✔ यदि संदेश में अकाउंट बंद होने, KYC या इनाम मिलने जैसी बात हो तो पहले संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से जानकारी जांचें।
✔ मोबाइल में केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें।
✔ किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप इंस्टॉल न करें।
✔ बैंक खाते में संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत बैंक और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें तथा National Cyber Crime Reporting Portal पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करें।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में SMS, WhatsApp, RCS मैसेज, QR Code और AI आधारित फर्जी संदेशों के जरिए होने वाली ठगी और बढ़ सकती है। इसलिए केवल बैंकों की सुरक्षा पर्याप्त नहीं है; लोगों में साइबर जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है।
निष्कर्ष
SMS अब केवल संदेश भेजने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि साइबर अपराधियों का एक प्रभावी हथियार बन चुका है। यदि कोई संदेश आपको जल्दबाजी, डर या लालच में फैसला लेने के लिए मजबूर करे, तो उसे तुरंत संदेह की नजर से देखें। डिजिटल युग में सबसे मजबूत सुरक्षा तकनीक नहीं, बल्कि आपकी सतर्कता है।
