दिवाली पर ₹8,000 बोनस का झांसा! फ्री गिफ्ट, हैम्पर और 90% डिस्काउंट के नाम पर साइबर ठगों का नया जाल!!!
दिवाली पर ₹8,000 बोनस का झांसा! फ्री गिफ्ट, QR कोड और 90% डिस्काउंट के नाम पर साइबर ठगों का नया जाल…..
विशेष न्यूज़ रिपोर्ट | 2 नवंबर 2026
दिवाली का त्योहार आते ही लोग ऑनलाइन खरीदारी, नए कपड़े, मिठाइयां और गिफ्ट खरीदने में जुट जाते हैं। इसी दौरान WhatsApp और सोशल मीडिया पर कई तरह के ऑफर दिखाई देने लगते हैं।
लेकिन इस बार साइबर अपराधी भी त्योहार का फायदा उठाकर लोगों को ठगने की कोशिश कर रहे हैं।
कहीं ₹8,000 सरकारी बोनस देने का दावा किया जा रहा है, तो कहीं मुफ्त दिवाली गिफ्ट, कैशबैक और 90% डिस्काउंट का लालच दिया जा रहा है।
भोपाल, पंजाब और पंचकूला से सामने आई घटनाओं और पुलिस की चेतावनियों से पता चलता है कि ऑनलाइन ठगी के तरीके लगातार बदल रहे हैं।
1. ₹8,000 दिवाली बोनस का मैसेज निकला फर्जी
- WhatsApp पर एक मैसेज फैलाया जा रहा है, जिसमें दावा है कि प्रधानमंत्री की ओर से हर नागरिक को ₹8,000 दिवाली बोनस दिया जा रहा है।
- मैसेज में एक लिंक दिया जाता है और लोगों से उस पर क्लिक करके रजिस्ट्रेशन करने को कहा जाता है।
- लिंक खोलने पर सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट सामने आ सकती है।
- यहां लोगों से नाम, मोबाइल नंबर और बैंक से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है।
- कुछ मामलों में प्रोसेसिंग फीस, OTP या UPI PIN के जरिए ठगी की कोशिश हो सकती है।
- रिपोर्ट के मुताबिक, PIB (प्रेस सूचना ब्यूरो) ने ₹8,000 बोनस के इस दावे को फर्जी बताया है।
- तेलंगाना साइबर सिक्योरिटी ब्यूरो और हैदराबाद साइबर क्राइम यूनिट ने भी इसे फिशिंग स्कैम बताया है।
सावधानी: किसी भी सरकारी योजना की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट या PIB Fact Check से जांचें।
2. पंजाब में दिवाली गिफ्ट के नाम पर ठगी
- रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब के जीरकपुर और खरड़ में दिवाली गिफ्ट मैसेज से जुड़े साइबर ठगी के मामलों में FIR दर्ज हुई हैं।
- मोहाली पुलिस ने WhatsApp, SMS और अनजान PDF फाइलों को लेकर लोगों को सतर्क किया है।
- DSP साइबर फ्रॉड सेल वरिंदर सिंह खोसा के अनुसार, ठग दिवाली की शुभकामनाओं, गिफ्ट कार्ड, डिजिटल लिफाफे और विशेष ऑफर के नाम पर मैसेज भेज रहे हैं।
- इन मैसेज में दिए गए लिंक लोगों को नकली वेबसाइट पर पहुंचा सकते हैं।
- वहां उनकी निजी जानकारी चुराने की कोशिश की जा सकती है।
- कई बार किसी दोस्त या रिश्तेदार के WhatsApp अकाउंट से भी ऐसा लिंक आ सकता है। संभव है कि उसका अकाउंट पहले से हैक हो।
सावधानी: परिचित व्यक्ति के नाम से आए लिंक पर भी बिना जांचे क्लिक न करें।
3. भोपाल में दो लोगों से ₹1,28,776 की ठगी
रिपोर्ट में भोपाल के दो अलग-अलग मामले सामने आए।
पहला मामला – ₹97,177 की ठगी
- भोपाल के बजरिया निवासी कृष्ण गोपाल को सोशल मीडिया पर ऑनलाइन कमाई का विज्ञापन दिखाई दिया।
- उनकी पहचान रवि कुमार सोनी नाम के व्यक्ति से हुई।
- आरोपी ने ऑनलाइन कंपनी में सेलर अकाउंट बनाने और हर ₹1 लाख के कारोबार पर ₹20,000 कमीशन देने का वादा किया।
- इस ऑफर पर भरोसा करके कृष्ण गोपाल ने QR कोड के जरिए ₹97,177 ट्रांसफर कर दिए।
- रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह रकम अपनी मां के गहने गिरवी रखकर जुटाई थी।
- पैसे वापस मांगने पर आरोपी ने फोन उठाना बंद कर दिया।
दूसरा मामला – ₹31,599 की ठगी
- भोपाल के हबीबगंज इलाके में रहने वाले 31 वर्षीय जगेश्वर ऑनलाइन शॉपिंग कर रहे थे।
- उन्होंने विक्रेता की ओर से भेजे गए QR कोड से भुगतान किया।
- भुगतान के बाद वेबसाइट उपलब्ध नहीं रही।
- उनके बैंक खाते से ₹31,599 कट गए।
दोनों मामलों में कुल नुकसान: ₹1,28,776।
QR कोड से जुड़ी जरूरी जानकारी:
- QR कोड स्कैन करके UPI PIN डालने का मतलब भुगतान करना है।
- पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर UPI Payment Request स्वीकार न करें।
4. पंचकूला पुलिस की चेतावनी: इन चार तरीकों से हो सकती है ठगी
रिपोर्ट के मुताबिक, पंचकूला पुलिस ने त्योहारों के दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी को लेकर एडवाइजरी जारी की।
पुलिस ने मुख्य रूप से इन खतरों के बारे में बताया:
1. नकली शॉपिंग वेबसाइट
- बड़ी कंपनियों जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाई जाती हैं।
- बहुत सस्ते सामान का लालच दिया जाता है।
- भुगतान के बाद सामान नहीं मिलता।
2. फर्जी गिफ्ट कार्ड
- मुफ्त गिफ्ट कार्ड, इनाम और कैशबैक का लालच दिया जाता है।
- इसके बहाने पैसे या निजी जानकारी मांगी जाती है।
3. नकली ट्रेन टिकट
- त्योहारों में ट्रेन टिकट की बढ़ती मांग का फायदा उठाया जाता है।
- कन्फर्म टिकट और तत्काल बुकिंग के नाम पर फर्जी वेबसाइट चलाई जाती हैं।
4. खतरनाक APK फाइल
- WhatsApp पर दिवाली ग्रीटिंग, वीडियो या गिफ्ट वाउचर के नाम पर ऐप भेजे जाते हैं।
- इन्हें डाउनलोड करने से मोबाइल और उसमें मौजूद जानकारी खतरे में पड़ सकती है।
पंचकूला पुलिस ने केवल आधिकारिक वेबसाइट और भरोसेमंद ऐप से टिकट बुक करने और खरीदारी करने की सलाह दी है।
साथ ही अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk जैसे Screen Sharing या Remote Access Apps इंस्टॉल न करने की चेतावनी दी है।
5. 90% डिस्काउंट के नाम पर नकली शॉपिंग वेबसाइट
- रिपोर्ट में त्योहारों के दौरान नकली ऑनलाइन शॉपिंग वेबसाइट और विज्ञापनों के बारे में जानकारी दी गई।
- Flipkart जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट का मामला सामने आया।
- Meesho के लोगो का इस्तेमाल करके सस्ते कपड़ों के विज्ञापन चलाए गए।
- तीन सूट ₹149 और तीन कुर्ता सेट ₹199 में देने जैसे ऑफर दिखाए गए।
- कुछ ग्राहकों ने शिकायत की कि भुगतान Meesho के बजाय दूसरे नामों या सामान्य दुकानों के खातों में गया।
- 4 किलो सूखे मेवे का पैकेट ₹239 में देने जैसे आकर्षक ऑफर भी सामने आए।
- रिपोर्ट के अनुसार, एक विज्ञापन से जुड़े मामले में Meta Ad Library में लगभग 240 संदिग्ध विज्ञापन दर्ज होने की बात सामने आई।
ठगों का तरीका:
- बड़ी कंपनियों के लोगो और नाम की नकल करना।
- नकली वेबसाइट बनाना।
- बाजार से बहुत कम कीमत दिखाना।
- ग्राहकों से पहले भुगतान करवाना।
- पैसे मिलने के बाद वेबसाइट या संपर्क बंद कर देना।
इसलिए केवल किसी वेबसाइट का लोगो या डिजाइन देखकर उस पर भरोसा न करें।
6. इस दिवाली साइबर ठगों के निशाने पर ये 7 तरीके
ठगी का तरीका | ठगों की चाल |
|---|---|
₹8,000 बोनस स्कैम | सरकारी योजना के नाम पर फर्जी लिंक |
दिवाली गिफ्ट स्कैम | मुफ्त हैम्पर और गिफ्ट का लालच |
फेक शॉपिंग ऐप | नकली ब्रांडेड ऐप और सस्ते सामान |
QR कोड स्कैम | भुगतान के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाना |
APK स्कैम | ग्रीटिंग कार्ड के नाम पर खतरनाक ऐप |
रिफंड स्कैम | रिफंड के बहाने बैंकिंग जानकारी लेना |
फेक टिकट स्कैम | कन्फर्म ट्रेन टिकट का झांसा |
7. साइबर ठगी से बचने के लिए 8 जरूरी सावधानियां
- लिंक जांचें: WhatsApp या SMS पर आए अनजान लिंक को न खोलें।
- वेबसाइट जांचें: खरीदारी हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से करें।
- UPI PIN सुरक्षित रखें: किसी को भी अपना PIN या OTP न बताएं।
- QR कोड से सावधान रहें: पैसे प्राप्त करने के लिए UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होती।
- APK डाउनलोड न करें: अनजान ग्रीटिंग कार्ड या गिफ्ट ऐप इंस्टॉल न करें।
- स्क्रीन शेयर न करें: किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल की स्क्रीन शेयर न करें।
- भारी डिस्काउंट से सावधान रहें: बहुत सस्ते ऑफर की सच्चाई पहले जांचें।
- बैंक खाते पर नजर रखें: किसी भी अनजान ट्रांजैक्शन की तुरंत जानकारी लें।
8. अगर आपके साथ ऑनलाइन ठगी हो जाए तो क्या करें?
- 1930: राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन पर तुरंत कॉल करें।
- ऑनलाइन शिकायत: https://www.cybercrime.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करें।
- अपने बैंक को तुरंत सूचना दें और संदिग्ध ट्रांजैक्शन की जानकारी दें।
- बैंक ट्रांजैक्शन ID, SMS और ठगी से जुड़े स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें।
- ठग का मोबाइल नंबर, WhatsApp चैट और वेबसाइट का लिंक संभालकर रखें।
जल्दी शिकायत करने से ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने की संभावना बढ़ सकती है। हालांकि, पैसे वापस मिलने की गारंटी नहीं होती।
9. आखिर दिवाली पर साइबर ठगी क्यों बढ़ जाती है?
इसके पीछे कुछ बड़ी वजहें हैं:
- खरीदारी की जल्दबाजी: त्योहार में लोग जल्दी-जल्दी ऑफर का फायदा उठाना चाहते हैं।
- मुफ्त चीजों का लालच: गिफ्ट, बोनस और कैशबैक के नाम पर लोग आसानी से आकर्षित हो जाते हैं।
- सरकारी नाम का इस्तेमाल: प्रधानमंत्री और सरकारी योजनाओं का नाम लेकर भरोसा जीतने की कोशिश होती है।
- सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल: Facebook, Instagram और WhatsApp के जरिए फर्जी विज्ञापन और लिंक फैलाए जाते हैं।
- नकली वेबसाइट: असली कंपनियों जैसी दिखने वाली वेबसाइट बनाकर ग्राहकों को धोखा दिया जाता है।
निष्कर्ष: दिवाली की खुशियों में एक गलत क्लिक न बन जाए बड़ी मुसीबत
इस दिवाली ₹8,000 बोनस से लेकर मुफ्त गिफ्ट, QR कोड, नकली शॉपिंग वेबसाइट और ट्रेन टिकट तक के नाम पर लोगों को ठगने की कोशिश की जा रही है।
इसलिए कोई भी ऑफर देखकर तुरंत भरोसा न करें।
याद रखें:
- मुफ्त बोनस का मैसेज आए तो पहले उसकी सच्चाई जांचें।
- गिफ्ट का लिंक आए तो भेजने वाले से पुष्टि करें।
- QR कोड स्कैन करते समय भुगतान की जानकारी ध्यान से पढ़ें।
- OTP और UPI PIN किसी के साथ साझा न करें।
क्योंकि एक छोटी-सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को खतरे में डाल सकती है। इस दिवाली खुशियां बांटें, साइबर ठगों को अपनी कमाई नहीं।
