PGI में नौकरी का सपना दिखाकर ₹4.5 लाख की कथित ठगी, फर्जी ट्रेनिंग और ID कार्ड से बनाया भरोसे का जाल।
PGI में नौकरी के नाम पर ₹4.5 लाख की ठगी का आरोप, पुलिस जांच के आदेश…..
चंडीगढ़: देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में शामिल PGIMER (PGI Chandigarh) में नौकरी दिलाने के नाम पर कथित ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा की एक महिला को PGI में स्थायी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उससे करीब ₹4.5 लाख वसूले। मामले की गंभीरता को देखते हुए PGI प्रशासन ने पुलिस जांच और FIR की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मामले में एक आउटसोर्स कर्मचारी के कथित रूप से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद PGI प्रशासन ने उसकी सेवाएं समाप्त करने की कार्रवाई भी की है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित ठगी में कौन-कौन लोग शामिल थे और अस्पताल के परिसर में फर्जी तरीके से नौकरी या ट्रेनिंग की व्यवस्था कैसे कराई गई।
कैसे रचा गया कथित फर्जी नौकरी का जाल?
शिकायत के अनुसार, महिला को PGI के नए Advanced Neuroscience Centre और Advanced Mother & Child Care Centre में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था।
कथित तौर पर आरोपियों ने उसे Multi-Tasking Staff (MTS)/Reliever जैसी नौकरी मिलने की बात कही। नवंबर 2025 से उससे अलग-अलग किस्तों में पैसे लिए गए। नौकरी पाने की उम्मीद में महिला ने कथित तौर पर बैंक से कर्ज लेकर भी रकम जुटाई।
धोखे को असली दिखाने के लिए उसे PGI के अलग-अलग विभागों में सप्ताहांत पर “Training Shifts” करने के लिए बुलाया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें Cardio Centre, Advanced Eye Centre और Advanced Pediatrics Centre जैसी सुविधाएं शामिल थीं।
आरोपियों ने कथित तौर पर महिला से Police Verification Documents भी लिए और एक फर्जी पहचान-पत्र (Fake ID Card) उपलब्ध कराया। इससे उसे लगा कि उसकी नौकरी की प्रक्रिया वास्तव में पूरी हो चुकी है।
लेकिन जब महिला को वेतन नहीं मिला और नियुक्ति की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तब उसने PGI प्रशासन से संपर्क किया। इसी के बाद पूरे मामले की परतें खुलने लगीं।
PGI ने क्या कार्रवाई की?
शिकायत सामने आने के बाद PGI निदेशक की मंजूरी से Nehru Hospital के Chief Security Officer को स्थानीय पुलिस के पास औपचारिक शिकायत देने और मामले में FIR दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए।
रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस चार नामजद संदिग्धों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि कथित तौर पर फर्जी नौकरी पाने वाले व्यक्ति को अस्पताल के अलग-अलग हिस्सों में ड्यूटी या ट्रेनिंग करने की अनुमति कैसे मिली।
PGI प्रशासन से Action Taken Report (ATR) भी अपेक्षित है।
Medical Record Department के नाम पर भी पैसे मांगने का आरोप
इसी कार्रवाई के दौरान PGI में नौकरी से जुड़ी धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आया। एक व्यक्ति पर आरोप है कि वह Advanced Neuroscience Centre के Medical Record Department में नौकरी दिलाने के नाम पर उम्मीदवारों से पैसे मांग रहा था।
वह कथित तौर पर खुद को PGI के अधिकारियों से जुड़ा हुआ बताकर नौकरी दिलाने का दावा करता था। यह मामला भी इस बात की ओर इशारा करता है कि सरकारी या प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के नाम का इस्तेमाल करके नौकरी चाहने वालों को निशाना बनाया जा सकता है।
यह मामला क्यों गंभीर है?
यह सिर्फ पैसों की ठगी का मामला नहीं है। कथित ठगों ने PGI का नाम, अस्पताल की वास्तविक सुविधाएं, ट्रेनिंग शिफ्ट और पहचान-पत्र जैसी चीजों का इस्तेमाल करके नौकरी के ऑफर को विश्वसनीय बनाने की कोशिश की।
यही इस तरह के Fake Recruitment Scam को खतरनाक बनाता है। आम उम्मीदवार अक्सर किसी बड़े संस्थान के नाम और परिसर में होने वाली गतिविधियों को देखकर यह मान लेता है कि नौकरी की प्रक्रिया आधिकारिक है।
हालांकि, किसी व्यक्ति का अस्पताल परिसर में ट्रेनिंग करना या ID कार्ड मिलना अपने-आप में सरकारी या नियमित नियुक्ति का प्रमाण नहीं माना जा सकता। वास्तविक नियुक्ति के लिए आधिकारिक भर्ती विज्ञापन, चयन प्रक्रिया और संस्थान की औपचारिक नियुक्ति प्रक्रिया जरूरी होती है।
एक और महत्वपूर्ण संकेत: PGI में पहले भी पैसे मांगने का मामला
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब PGI में हाल के महीनों में पैसे के बदले सुविधाएं दिलाने के आरोपों से जुड़े अन्य मामले भी सामने आए हैं। अगस्त 2026 में एक PGI कर्मचारी पर मरीजों से OPD कार्ड और डॉक्टर तक जल्दी पहुंच दिलाने के नाम पर कथित तौर पर पैसे मांगने का आरोप लगा था। मामले को संस्थान के Vigilance Department को जांच के लिए भेजा गया था।
हालांकि दोनों मामलों को एक ही नेटवर्क का हिस्सा मानना अभी उचित नहीं होगा। नौकरी ठगी और OPD से जुड़ा मामला अलग-अलग घटनाएं हैं और इनके बीच कोई आधिकारिक संबंध सामने नहीं आया है।
नौकरी चाहने वालों के लिए जरूरी सावधानी
PGI ने नौकरी के इच्छुक लोगों से केवल आधिकारिक भर्ती सूचनाओं पर भरोसा करने और नौकरी दिलाने का दावा करने वाले बिचौलियों को पैसे न देने की सलाह दी है।
किसी भी भर्ती में ये संकेत Red Flags हो सकते हैं:
- नौकरी पक्की कराने के नाम पर पहले पैसे मांगना।
- किसी अधिकारी से निजी संपर्क होने का दावा करना।
- बिना आधिकारिक विज्ञापन के नियुक्ति का भरोसा देना।
- असली संस्थान के परिसर में “Training” कराकर नौकरी का विश्वास पैदा करना।
- फर्जी ID Card या Appointment Letter देना।
- Salary शुरू होने से पहले बार-बार अलग-अलग किस्तों में पैसे मांगना।
निष्कर्ष
PGI में सामने आया मामला दिखाता है कि प्रतिष्ठित संस्थान का नाम भी नौकरी ठगी में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित नेटवर्क कितना बड़ा था, किन लोगों की भूमिका थी और अस्पताल की व्यवस्था का दुरुपयोग किस स्तर तक हुआ।
सबसे अहम बात यह है कि नौकरी के बदले पैसे मांगना आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा नहीं है। उम्मीदवारों को किसी भी नियुक्ति से पहले संस्थान की आधिकारिक सूचना और भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करनी चाहिए।
