“Online Health Scam “का बड़ा खुलासा : 66% भारतीय हो चुके हैं शिकार, कही आप भी तो नही हो रहे है शिकार ??????
ऑनलाइन हेल्थ स्कैम का बड़ा खतरा: 66% भारतीय किसी न किसी स्वास्थ्य धोखाधड़ी का शिकार हो चुके हैं
“ऑनलाइन हेल्थ स्कैम का विस्फोट: AI और फर्जी डॉक्टर बढ़ा रहे खतरा”
अगर आप सोशल मीडिया पर वजन कम करने की दवा, चमत्कारी इलाज, इम्यूनिटी बढ़ाने वाले सप्लीमेंट या किसी सेलिब्रिटी द्वारा प्रमोट किए गए स्वास्थ्य उत्पादों पर भरोसा करते हैं, तो आपको सावधान हो जाना चाहिए। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत में ऑनलाइन हेल्थ और वेलनेस स्कैम तेजी से बढ़ रहे हैं और करोड़ों लोग इनके जाल में फंस रहे हैं।
क्या कहती है रिपोर्ट?
साइबर सुरक्षा कंपनी McAfee की नई “Health & Wellness Research” रिपोर्ट के मुताबिक:
- 66% भारतीयों ने किसी न किसी हेल्थ या वेलनेस स्कैम का सामना किया है।
- 71% भारतीय, खासकर युवा, ऐसे स्कैम का निशाना बनाए जा चुके हैं।
- 53% लोगों ने स्वास्थ्य से जुड़े फर्जी विज्ञापन और धोखाधड़ी सोशल मीडिया पर देखी।
- 37% लोगों को WhatsApp और Telegram जैसे मैसेजिंग ऐप्स के जरिए निशाना बनाया गया।
किस तरह के हेल्थ स्कैम सबसे ज्यादा हो रहे हैं?
रिपोर्ट के अनुसार, साइबर अपराधी अब सिर्फ बैंकिंग फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं। वे लोगों की सेहत और डर का फायदा उठाकर पैसा कमा रहे हैं।
सबसे आम हेल्थ स्कैम:
🔴 फर्जी वजन घटाने वाली दवाएं और फिटनेस प्रोडक्ट – 23%
🔴 बीमारियों और मेडिकल उत्पादों के बारे में गलत जानकारी – 20%
🔴 नकली सप्लीमेंट और विटामिन – 18%
🔴 “100% गारंटी” वाले चमत्कारी इलाज – 18%
🔴 अस्पताल, डॉक्टर या फार्मेसी बनकर ठगी – 13%
🔴 सरकारी स्वास्थ्य एजेंसी बनकर फर्जी संदेश भेजना – 10%
AI ने बढ़ा दिया खतरा
अब ठग केवल नकली वेबसाइट नहीं बना रहे, बल्कि AI (Artificial Intelligence) का इस्तेमाल करके ऐसे वीडियो, फोटो और संदेश बना रहे हैं जो बिल्कुल असली लगते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक:
- भारतीय औसतन हर दिन 4 डीपफेक (Deepfake) देख रहे हैं।
- लगभग एक-तिहाई लोग डीपफेक की पहचान करने में खुद को सक्षम नहीं मानते।
- कई स्कैम में सेलिब्रिटी की नकली वीडियो और आवाज का इस्तेमाल किया जा रहा है।
सेलिब्रिटी और इन्फ्लुएंसर बन रहे हैं हथियार
आजकल लोग स्वास्थ्य संबंधी सलाह डॉक्टर से ज्यादा सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से लेने लगे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार:
- 55% भारतीय किसी सेलिब्रिटी या इन्फ्लुएंसर की सिफारिश पर स्वास्थ्य सलाह पर भरोसा कर लेते हैं।
- 54% लोगों ने ऐसी स्वास्थ्य सामग्री देखी जो बाद में फर्जी, भ्रामक या AI से बनाई गई निकली।
- 25-34 वर्ष के 66% युवाओं ने फर्जी सेलिब्रिटी-समर्थित हेल्थ कंटेंट देखा है।
भारत में साइबर ठगी का बढ़ता संकट
McAfee की एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार:
- 51% भारतीय किसी न किसी ऑनलाइन स्कैम में पैसा गंवा चुके हैं।
- औसत आर्थिक नुकसान लगभग ₹93,915 रहा।
- भारतीय हर साल लगभग 102 घंटे यह समझने में बर्बाद कर देते हैं कि कौन-सा मैसेज असली है और कौन-सा फर्जी।
- भारत में साइबर धोखाधड़ी से 2025 में लगभग ₹19,813 करोड़ का नुकसान हुआ और लाखों शिकायतें दर्ज की गईं।
कैसे बचें इन हेल्थ स्कैम से?
✔ चमत्कारी इलाज पर कभी भरोसा न करें।
✔ किसी भी दवा या सप्लीमेंट को खरीदने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
✔ सोशल मीडिया पर दिख रहे स्वास्थ्य विज्ञापनों की जांच करें।
✔ किसी लिंक, QR कोड या ऐप को तुरंत डाउनलोड न करें।
✔ किसी सेलिब्रिटी के वीडियो को देखकर निवेश या खरीदारी का फैसला न करें।
✔ केवल सरकारी या विश्वसनीय स्वास्थ्य वेबसाइटों से जानकारी लें।
निष्कर्ष
डिजिटल दुनिया में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पहले से ज्यादा उपलब्ध है, लेकिन इसके साथ धोखाधड़ी भी तेजी से बढ़ रही है। साइबर अपराधी लोगों के स्वास्थ्य, डर और जल्दी ठीक होने की इच्छा का फायदा उठाकर फर्जी दवाएं, नकली इलाज और AI-आधारित धोखाधड़ी फैला रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में हेल्थ स्कैम और अधिक खतरनाक हो सकते हैं, इसलिए हर ऑनलाइन स्वास्थ्य सलाह को आंख बंद करके मानने की बजाय उसकी जांच-पड़ताल करना अब बेहद जरूरी हो गया है।
