Noida का फर्जी Loan call center बेनकाब, एक फोन कॉल ने उजाड़ दी लोगों की बचत!!।
नोएडा में फर्जी लोन कॉल सेंटर का भंडाफोड़: कम ब्याज वाले लोन का झांसा देकर लोगों से की जा रही थी ठगी..
नोएडा: गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान नोएडा सेक्टर-1 में संचालित एक फर्जी लोन कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी देशभर के लोगों को बेहद कम ब्याज पर तुरंत लोन दिलाने का लालच देकर उनसे हजारों रुपये की “प्रोसेसिंग फीस”, “फाइल चार्ज”, “इंश्योरेंस फीस” और अन्य शुल्क वसूलते थे, लेकिन पैसा मिलने के बाद न तो लोन जारी किया जाता था और न ही रकम वापस की जाती थी।
कैसे चल रहा था पूरा खेल?
पुलिस जांच के अनुसार गिरोह ने एक कॉल सेंटर जैसा कार्यालय बना रखा था, जहां से कर्मचारी खुद को बैंक, एनबीएफसी (NBFC) या अधिकृत वित्तीय संस्था का प्रतिनिधि बताकर लोगों को फोन करते थे। पहले ग्राहकों को कम ब्याज दर, बिना गारंटर और जल्दी लोन मिलने का भरोसा दिया जाता था। जब व्यक्ति भरोसा कर लेता था, तब उससे अलग-अलग बहानों से ऑनलाइन भुगतान कराया जाता था।
जैसे ही पीड़ित पैसे भेज देता, आरोपी या तो फोन उठाना बंद कर देते थे या फिर किसी नए शुल्क की मांग करने लगते थे। इस तरह कई लोगों से लगातार ठगी की जा रही थी। पुलिस ने छापेमारी के दौरान कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है।
पुलिस किन पहलुओं की जांच कर रही है?
जांच एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि—
- इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया।
- ठगी की कुल रकम कितनी है।
- क्या देश के अन्य राज्यों में भी इनके साथी सक्रिय हैं।
- किन बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल रकम लेने के लिए किया गया।
- क्या इस नेटवर्क का संबंध अन्य साइबर ठगी गिरोहों से भी है।
यह कोई पहला मामला नहीं
पिछले कुछ वर्षों में नोएडा और ग्रेटर नोएडा फर्जी कॉल सेंटरों का बड़ा केंद्र बनकर सामने आए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पिछले छह वर्षों में यहां 250 से अधिक फर्जी कॉल सेंटर पकड़े जा चुके हैं। इन कॉल सेंटरों के जरिए लोन, बीमा, नौकरी, टेक्निकल सपोर्ट और निवेश के नाम पर देश-विदेश के लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी की गई है।
हाल के महीनों में भी पुलिस ने प्रधानमंत्री रोजगार योजना के नाम पर लोन दिलाने वाले गिरोह, नकली जॉब कॉल सेंटर और ऑनलाइन स्कीम चलाने वाले कई साइबर नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है।
साइबर ठग लोगों को कैसे फंसाते हैं?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार लोन फ्रॉड करने वाले गिरोह आमतौर पर इन तरीकों का इस्तेमाल करते हैं—
- कम ब्याज पर तुरंत लोन देने का दावा।
- बिना CIBIL स्कोर के लोन का लालच।
- प्रोसेसिंग फीस पहले जमा कराने की मांग।
- बैंक अधिकारी बनकर फोन करना।
- नकली वेबसाइट और फर्जी मोबाइल ऐप का उपयोग।
- फर्जी लोन अप्रूवल लेटर और डिजिटल दस्तावेज भेजना।
- व्हाट्सऐप पर KYC या बैंक विवरण मांगना।
आम लोग कैसे बचें?
- यदि कोई संस्था लोन देने से पहले प्रोसेसिंग फीस, सिक्योरिटी मनी या इंश्योरेंस शुल्क जमा कराने को कहे, तो सतर्क हो जाएं।
- किसी भी बैंक या वित्तीय संस्था की जानकारी उसकी आधिकारिक वेबसाइट से ही जांचें।
- केवल कॉल या व्हाट्सऐप संदेश के आधार पर पैसे ट्रांसफर न करें।
- अपनी बैंकिंग जानकारी, OTP, UPI PIN या कार्ड विवरण किसी के साथ साझा न करें।
- यदि आपके साथ ऐसी ठगी हो जाए, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
- समय पर शिकायत करने से कई मामलों में ठगी गई रकम को फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।
निष्कर्ष
नोएडा में पकड़ा गया यह फर्जी कॉल सेंटर दिखाता है कि साइबर अपराधी लोगों की आर्थिक जरूरत और जल्दी लोन पाने की इच्छा का फायदा उठाकर ठगी कर रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई से ऐसे नेटवर्क पर लगातार शिकंजा कस रहा है, लेकिन नागरिकों की सतर्कता ही इस तरह के अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। कम ब्याज, बिना दस्तावेज या तुरंत लोन जैसे आकर्षक दावों पर भरोसा करने से पहले उनकी पूरी जांच करना आवश्यक है।
