Income tax refund के नाम पर करोड़ों का खेल!! साइबर ठगों की नई चाल का खुलासा।
₹13 करोड़ का मनी ट्रेल! Btech ग्रेजुएट ने UK के NRI के नाम पर किया इनकम टैक्स रिफंड फ्रॉड, ऐसे खुला करोड़ों का साइबर नेटवर्क..
भारत में साइबर अपराध अब केवल बैंक खाते या UPI तक सीमित नहीं रह गए हैं। अब साइबर ठग सरकारी टैक्स सिस्टम को भी निशाना बना रहे हैं। हरियाणा के पंचकूला से सामने आए एक मामले ने यह साबित कर दिया कि यदि किसी व्यक्ति की डिजिटल पहचान और टैक्स अकाउंट सुरक्षित न हो, तो उसके नाम पर करोड़ों रुपये का फर्जी टैक्स रिफंड भी लिया जा सकता है।
पंचकूला साइबर क्राइम पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के कथित मास्टरमाइंड को कर्नाटक से गिरफ्तार किया है। आरोपी मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक ग्रेजुएट बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने एक ब्रिटेन (UK) में रहने वाले भारतीय मूल के व्यक्ति (NRI) के आयकर ई-फाइलिंग अकाउंट में कथित रूप से अवैध पहुंच बनाकर उसके नाम पर फर्जी संशोधित (Revised) आयकर रिटर्न दाखिल किया और लगभग ₹2.26 करोड़ का अतिरिक्त टैक्स रिफंड हासिल कर लिया।
कैसे हुई पूरी धोखाधड़ी?
जांच के अनुसार, पीड़ित NRI कई वर्षों से ब्रिटेन में रह रहे हैं। उन्होंने वित्त वर्ष 2023-24 का इनकम टैक्स रिटर्न समय पर दाखिल किया था और उन्हें वैध रिफंड भी मिल चुका था।
इसके बाद साइबर अपराधियों ने कथित रूप से उनके Income Tax e-Filing अकाउंट में प्रवेश किया। आरोप है कि उन्होंने अकाउंट से जुड़ा ईमेल, मोबाइल नंबर और बैंक खाते की जानकारी बदल दी। इसके बाद उसी व्यक्ति के नाम से एक फर्जी Revised Income Tax Return दाखिल किया गया, जिसके आधार पर करीब ₹2.26 करोड़ का अतिरिक्त टैक्स रिफंड एक फर्जी बैंक खाते में भेज दिया गया।
जांच में सामने आया ₹13 करोड़ का मनी ट्रेल
पुलिस जांच के दौरान केवल फर्जी रिफंड तक ही नहीं रुकी। बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल लेन-देन की जांच में अधिकारियों ने आरोपी से जुड़े 9 बैंक खातों में लगभग ₹13 करोड़ के संदिग्ध ट्रांजैक्शन का पता लगाया।
जांच एजेंसियों का कहना है कि यह रकम केवल एक मामले की नहीं हो सकती। आशंका है कि धन को कई फर्जी खातों और कंपनियों के माध्यम से घुमाया गया ताकि उसकी वास्तविक उत्पत्ति छिपाई जा सके। पुलिस अब पूरे नेटवर्क, बैंक खातों, फर्जी दस्तावेज तैयार करने वालों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है।
आरोपी के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं कई मामले
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बेंगलुरु में पहले से कई साइबर अपराध के मामले दर्ज हैं। जांच में यह भी सामने आया कि उसे एक अन्य मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पहले गिरफ्तार किया जा चुका था। पुलिस ने उसके कब्जे से लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी डिजिटल फॉरेंसिक जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था।
साइबर अपराधी टैक्स सिस्टम को कैसे निशाना बनाते हैं?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार टैक्स फ्रॉड में अपराधी आमतौर पर इन तरीकों का उपयोग करते हैं—
- ईमेल या पासवर्ड चोरी करना।
- डेटा लीक से PAN, जन्मतिथि और अन्य व्यक्तिगत जानकारी हासिल करना।
- फर्जी बैंक खाते खुलवाना।
- अकाउंट का मोबाइल नंबर और ईमेल बदल देना।
- फर्जी Revised Return दाखिल कर टैक्स रिफंड अपने खाते में ट्रांसफर कराना।
- बाद में रकम को कई खातों में भेजकर उसका स्रोत छिपाना।
आम लोग कैसे बचें?
यदि आपका PAN, ईमेल या मोबाइल नंबर किसी साइबर अपराधी के हाथ लग जाए, तो वह आपके टैक्स अकाउंट का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकता है। इसलिए—
- Income Tax e-Filing अकाउंट का मजबूत और अलग पासवर्ड रखें।
- Two-Factor Authentication (2FA) उपलब्ध हो तो उसे सक्रिय करें।
- समय-समय पर अपने प्रोफाइल में दर्ज मोबाइल नंबर, ईमेल और बैंक खाते की जानकारी जांचते रहें।
- किसी भी अनजान लिंक से Income Tax Portal में लॉगिन न करें।
- PAN, OTP, पासवर्ड और लॉगिन जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- यदि बिना आपकी जानकारी के टैक्स रिटर्न या बैंक बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत आयकर विभाग और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
क्यों है यह मामला महत्वपूर्ण?
यह मामला बताता है कि साइबर अपराधी अब केवल बैंक खातों से पैसे निकालने तक सीमित नहीं हैं। वे सरकारी डिजिटल सेवाओं, टैक्स पोर्टल, डिजिटल पहचान और ऑनलाइन वित्तीय प्रणालियों को भी निशाना बना रहे हैं। इसलिए डिजिटल सुरक्षा अब केवल बैंकिंग तक सीमित नहीं, बल्कि हर नागरिक की व्यक्तिगत पहचान और सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा से भी जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बन चुकी है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने क्या इसी तरह अन्य लोगों के इनकम टैक्स खातों का भी दुरुपयोग किया था और इस धोखाधड़ी से जुड़े अन्य आरोपी किन राज्यों में सक्रिय हैं।
