सावधान! ATM बूथ पर मिला भला आदमी निकल सकता है ठग, जानिए कैसे बचें कार्ड अदला-बदली की ठगी से!!!
पंचकूला में ATM कार्ड बदलने वाला गिरोह पकड़ा गया: 70 कार्ड और POS मशीन बरामद……
खबर क्या है?
पंचकूला पुलिस के साइबर क्राइम थाने (सेक्टर 20) ने एक साइबर ठगी गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 70 ATM कार्ड, एक POS मशीन और दो मोबाइल फोन बरामद किए। आरोपियों के नाम मनोज कुमार (हिसार) और अनिल (भिवानी) बताए गए हैं।
पुलिस को 14 अक्टूबर को सूचना मिली थी कि सेक्टर 20 की मार्केट में दो युवक अलग-अलग बैंकों के ATM के आसपास संदिग्ध तरीके से घूम रहे हैं। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। शुरुआती जाँच में पता चला कि दोनों ज़्यादातर दिल्ली-NCR में सक्रिय थे और पंचकूला में दो-तीन दिन पहले ही ऐसी ठगी करने आए थे। बरामद POS मशीन PhonePe की बताई गई है।
ठगी कैसे होती थी?
पुलिस के अनुसार गिरोह बुज़ुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को निशाना बनाता था। उन्हें ATM पर बातों में उलझाकर उनका PIN पता कर लिया जाता था, फिर खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे। आम तौर पर यह तरीका इस तरह चलता है:
- ठग ATM के पास खड़ा होकर “मदद” की पेशकश करता है।
- वह आपका PIN देख लेता है या आपसे डलवा लेता है।
- वह नज़र बचाकर आपका असली कार्ड बदल देता है और उसी जैसा दूसरा कार्ड थमा देता है।
- आप चले जाते हैं और ठग बाद में आपके असली कार्ड और PIN से पैसे निकाल लेता है।
इसी वजह से इसे कार्ड स्वैपिंग फ्रॉड (कार्ड अदला-बदली की ठगी) कहते हैं।
इस खबर का असली मतलब क्या है?
1. 70 कार्ड का मतलब बड़ी संख्या में पीड़ित हो सकते हैं। इतने कार्ड एक-दो घटनाओं से जमा नहीं होते। ये कार्ड अलग-अलग बैंकों के हैं। यह पुलिस जाँच का विषय है कि कितने कार्ड सच में पीड़ितों से ठगे गए थे और कितने इस्तेमाल हो चुके थे।
2. यह अकेली घटना नहीं है। इसी इलाके में पहले भी ऐसे मामले आए हैं:
| मामला | बरामद कार्ड | क्या हुआ था |
|---|---|---|
| पंचकूला (ताज़ा खबर) | 70 | 2 आरोपी गिरफ्तार |
| चंडीगढ़ पुलिस का पुराना मामला | 69 | करीब 100 ठगी के मामलों में शामिल दो आरोपी पकड़े गए |
| पंचकूला का पुराना मामला | 33 | 2 आरोपी पकड़े गए, अंबाला और कुरुक्षेत्र में भी मामले |
चंडीगढ़ वाले मामले में पुलिस ने बताया कि आरोपी मुख्य रूप से बुज़ुर्गों को निशाना बनाते थे और मदद के बहाने उनसे PIN पता कर लेते थे। तरीका पंचकूला के गिरोह जैसा ही है। यानी यह एक दोहराया जाने वाला पैटर्न है, कोई नई तरकीब नहीं।
3. नुकसान छोटा नहीं होता। पंचकूला के पिंजौर इलाके में एक पुराने मामले में एक युवक ने ATM पर मदद के बहाने एक किसान का कार्ड बदल दिया और उसके खाते से करीब 1.3 लाख रुपये निकाल लिए।
अगर ऐसा हो जाए तो क्या करें?
सबसे ज़रूरी बात है समय। RBI के नियमों के अनुसार:
- अगर अनधिकृत लेनदेन की सूचना तीन दिन के भीतर बैंक को दे दी जाए, तो ग्राहक को नुकसान नहीं उठाना पड़ता और रकम 10 दिन के अंदर खाते में वापस आ जानी चाहिए।
- 4 से 7 कार्य-दिवस में बताने पर ग्राहक की ज़िम्मेदारी सीमित रहती है।
- 7 दिन से ज़्यादा देर होने पर नुकसान किसके हिस्से आएगा, यह बैंक की अपनी नीति तय करती है।
ध्यान रखें: यह सुरक्षा उस मामले में सबसे पक्की होती है जहाँ गलती ग्राहक की न हो। अगर PIN ग्राहक ने खुद किसी को बता दिया हो, तो बैंक इसे ग्राहक की लापरवाही मान सकता है। हालाँकि बैंक चाहे तो लापरवाही के मामले में भी ग्राहक की ज़िम्मेदारी माफ़ कर सकते हैं। इसलिए देर किए बिना शिकायत करना हर हाल में बेहतर है।
तुरंत ये करें:
- बैंक की हेल्पलाइन पर कॉल करके कार्ड ब्लॉक करवाएँ।
- साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
- नज़दीकी थाने में FIR या लिखित शिकायत दें।
- बैंक की रसीद और शिकायत का नंबर संभालकर रखें।
बचाव के आसान नियम
- ATM पर किसी अजनबी से मदद न लें, चाहे वह कितना भी भला लगे।
- PIN डालते समय दूसरे हाथ से कीपैड ढक लें।
- PIN किसी को न बताएँ, घरवालों को भी बताने से पहले सोचें।
- लेनदेन के बाद देखें कि कार्ड आपका ही है। उस पर अपना नाम और आख़िरी चार अंक मिला लें।
- बैंक में SMS अलर्ट ज़रूर चालू रखें।
- अगर कार्ड फँस जाए या मशीन अजीब लगे, तो खुद बैंक के नंबर पर कॉल करें, ATM के पास खड़े किसी आदमी के बताए नंबर पर नहीं।
- घर के बुज़ुर्गों को यह खबर पढ़ाएँ या सुनाएँ। इस गिरोह के निशाने पर वही थे।
विशेष शब्द आसान भाषा में
- POS मशीन: दुकान पर कार्ड से भुगतान लेने वाली मशीन।
- कार्ड स्वैपिंग: असली कार्ड बदलकर नकली या दूसरा कार्ड थमा देना।
- टिप-ऑफ: पुलिस को मिली गुप्त सूचना।
- इंटर-स्टेट रैकेट: कई राज्यों में फैला अपराधी गिरोह।
- ज़ीरो लायबिलिटी: ग्राहक पर नुकसान की कोई ज़िम्मेदारी न आना।
नोट: पुलिस ने गिरफ्तारी की है, पर आरोपियों पर लगे आरोप अभी जाँच और अदालत की प्रक्रिया में हैं।
