AI से बढ़ रहा है साइबर फ्रॉड: बैंक ऑफ आयरलैंड ने बढ़ाई सुरक्षा, नकली आवाज और Deepfake बने बड़ा खतरा
AI से बढ़ रहा है साइबर फ्रॉड: बैंक ऑफ आयरलैंड ने बढ़ाई सुरक्षा, नकली आवाज और Deepfake बने बड़ा खतरा
न्यूज़ रिपोर्ट | 27 अक्टूबर 2026 | साइबर सुरक्षा, AI और बैंकिंग फ्रॉड
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अब बैंकिंग सेवाओं को तेज करने और धोखाधड़ी पकड़ने में मदद कर रहा है। लेकिन दूसरी तरफ, साइबर अपराधी भी इसी तकनीक का इस्तेमाल करके नकली आवाज, फर्जी वीडियो और असली जैसी दिखने वाली पहचान तैयार कर रहे हैं। इससे आम लोगों के लिए असली और नकली के बीच अंतर करना मुश्किल होता जा रहा है।
आयरलैंड के Bank of Ireland ने 21 अक्टूबर 2026 को बताया कि वह बैंकिंग सेवाओं और फ्रॉड की पहचान के लिए AI का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। इसी बीच, आयरलैंड के Compliance Institute के सर्वे में AI की मदद से की जाने वाली पहचान की नकल (AI-enabled impersonation) को उपभोक्ताओं के सामने मौजूद सबसे बड़े फ्रॉड खतरों में शामिल किया गया है।
1. बैंक ऑफ आयरलैंड ने क्या जानकारी दी?
प्रतिदिन लगभग 29 लाख ट्रांजैक्शन की जांच
बैंक के अनुसार, AI आधारित तकनीक हर दिन लगभग 29 लाख ग्राहक ट्रांजैक्शन की जांच करने में इस्तेमाल हो रही है।
€55 मिलियन के संभावित टैक्स रिफंड की पहचान
बैंक के Benefits Finder टूल ने लगभग 31,000 बार इस्तेमाल किए जाने के बाद संभावित टैक्स रिफंड के रूप में €55 मिलियन की पहचान करने में मदद की।
बैंक के मुताबिक, AI अब केवल प्रयोग के स्तर पर नहीं है, बल्कि कई वास्तविक सेवाओं में इस्तेमाल हो रहा है।
- फ्रॉड डिटेक्शन: बैंक हर दिन लगभग 29 लाख ग्राहक ट्रांजैक्शन की जांच के लिए AI तकनीक का उपयोग कर रहा है।
- कार्ड विवाद: कार्ड से हुए भुगतान पर ग्राहक की शिकायत यानी Chargeback से जुड़े 80% से अधिक मामलों का निपटारा तीन दिनों में हो रहा है।
- टैक्स बचत की जानकारी: Benefits Finder टूल ने संभावित टैक्स रिफंड के रूप में €55 मिलियन की पहचान करने में मदद की।
- कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण: लगभग 7,000 कर्मचारियों ने Microsoft Copilot के इस्तेमाल की ट्रेनिंग पूरी की।
- काम में तेजी: बैंक के अनुसार, Copilot इस्तेमाल करने वाले कर्मचारी औसतन प्रतिदिन करीब 30 मिनट बचा रहे हैं।
इसका मतलब: बैंक AI का इस्तेमाल केवल ग्राहकों की सुविधा बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि संदिग्ध लेनदेन पहचानने और कर्मचारियों का काम आसान बनाने के लिए भी कर रहा है।
स्रोत: Bank of Ireland की आधिकारिक घोषणा
https://www.bankofireland.com/about-bank-of-ireland/press-releases/2026/bank-of-ireland-scales-up-ai-across-the-group/
2. AI से होने वाले फ्रॉड का खतरा कितना बड़ा है?
आयरलैंड के Compliance Institute के सर्वे में वित्तीय संस्थानों से जुड़े 125 अनुपालन विशेषज्ञों से सवाल किए गए। नतीजों में AI से जुड़े फर्जीवाड़े को प्रमुख खतरे के रूप में पहचाना गया।
सर्वे के प्रमुख निष्कर्ष:
- 70% विशेषज्ञों ने AI आधारित पहचान की नकल, आवाज की क्लोनिंग और Deepfake वीडियो को सबसे बड़ा घोटाला खतरा माना।
- 50% विशेषज्ञों ने बैंक, सरकारी विभाग या डिलीवरी कंपनियों के नाम पर होने वाले फिशिंग और SMS फ्रॉड को प्रमुख खतरा बताया।
- 45% विशेषज्ञों ने AI से तैयार फर्जी विज्ञापनों, नकली सेलिब्रिटी प्रचार और इन्फ्लुएंसर सामग्री को खतरे के रूप में चुना।
ध्यान दें: ये प्रतिशत सर्वे में शामिल विशेषज्ञों की राय दर्शाते हैं, न कि सभी घोटालों में AI की वास्तविक हिस्सेदारी।
ठग AI का इस्तेमाल कैसे कर सकते हैं?
1. Voice Cloning: किसी व्यक्ति की आवाज की नकल बनाकर परिवार के सदस्य या बैंक अधिकारी होने का नाटक करना।
2. Deepfake Video: किसी नेता, कारोबारी या मशहूर व्यक्ति का नकली वीडियो बनाकर निवेश योजना का प्रचार करना।
3. AI Phishing: ऐसी ईमेल या मैसेज तैयार करना जो भाषा और डिजाइन में असली कंपनी के संदेश जैसे लगें।
4. Fake Identity: नकली पहचान और विश्वसनीय दिखने वाली प्रोफाइल बनाकर लोगों से पैसे या निजी जानकारी हासिल करना।
3. दूसरे आधिकारिक आंकड़े क्या बताते हैं?
आयरलैंड के केंद्रीय बैंक की 4 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में देश में रिपोर्ट किए गए भुगतान धोखाधड़ी की कुल रकम €179.04 मिलियन रही। यह 2024 की तुलना में 27.2% अधिक थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में Authorised Push Payment (APP) Fraud से €74.86 मिलियन का नुकसान हुआ।
Authorised Push Payment Fraud क्या है?
इस तरह के फ्रॉड में ठग व्यक्ति को बहकाकर, डराकर या झूठा भरोसा दिलाकर खुद अपने बैंक खाते से ठग के खाते में पैसा भेजने के लिए राजी कर लेते हैं।
उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति बैंक अधिकारी बनकर कहता है कि आपका खाता खतरे में है और पैसे सुरक्षित रखने के लिए उन्हें दूसरे खाते में ट्रांसफर करना होगा। व्यक्ति उसकी बातों में आकर खुद भुगतान कर देता है।
केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, APP फ्रॉड की रकम कुल रिपोर्ट किए गए भुगतान धोखाधड़ी के मूल्य का लगभग 45% थी।
एक अन्य अध्ययन में केंद्रीय बैंक ने बताया कि सर्वे में शामिल आयरिश वयस्कों में 35% ने कभी न कभी धोखाधड़ी का अनुभव किया था। धोखाधड़ी के शिकार लोगों में 38% ने इसकी सूचना बैंक या संबंधित अधिकारियों को नहीं दी।
रिपोर्ट के अनुसार, पैसा गंवाने वाले पीड़ितों में शिकायत करने वालों के 57% को रकम वापस मिली, जबकि शिकायत नहीं करने वालों में यह अनुपात 13% था।
विश्लेषण: AI से तैयार नकली सामग्री केवल समस्या का एक हिस्सा है। असली खतरा तब बढ़ता है जब ठग तकनीक के साथ डर, भरोसे, जल्दबाजी और लालच का इस्तेमाल करते हैं। कई मामलों में पीड़ित खुद भुगतान कर देता है, इसलिए धोखाधड़ी पकड़ने के साथ-साथ लोगों को भुगतान से पहले सत्यापन करना सिखाना भी जरूरी है।
4. आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
आवाज सुनकर भरोसा न करें
परिवार के सदस्य की आवाज में पैसे मांगने वाला कॉल आए तो उसी व्यक्ति के पुराने, भरोसेमंद नंबर पर खुद कॉल करके पुष्टि करें।
वीडियो और विज्ञापन की जांच करें
किसी सेलिब्रिटी या अधिकारी के वीडियो में निवेश की सलाह दिखाई देने पर उसे प्रमाण न मानें। संबंधित संस्था की आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी जांचें।
बैंक की गोपनीय जानकारी सुरक्षित रखें
OTP, PIN, पासवर्ड या बैंकिंग सुरक्षा कोड किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं। अनचाहे मैसेज में आए लिंक से बैंकिंग न करें।
धोखाधड़ी होने पर तुरंत कार्रवाई करें
धोखाधड़ी का संदेह होने पर बैंक को तुरंत सूचित करें और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर 1930 पर कॉल करें और आधिकारिक पोर्टल https://cybercrime.gov.in/ पर शिकायत दर्ज करें।
आयरलैंड की Banking & Payments Federation Ireland की सितंबर 2026 की रिसर्च में 85% वयस्कों ने बताया कि उन्हें कम से कम महीने में एक बार संदिग्ध कॉल, मैसेज, ईमेल या ऑनलाइन सामग्री का सामना करना पड़ा। सिर्फ 15% लोगों ने संदिग्ध संदेश में बताई गई कंपनी या वेबसाइट की वैधता जांचने की बात कही।
5. निष्कर्ष: AI सुरक्षा भी है और खतरा भी
Bank of Ireland का उदाहरण दिखाता है कि AI बड़ी संख्या में लेनदेन की निगरानी और संदिग्ध गतिविधियों की पहचान में मदद कर सकता है। दूसरी ओर, AI से तैयार आवाज, वीडियो और विज्ञापन लोगों को धोखा देने के नए तरीके उपलब्ध करा रहे हैं।
आगे की चुनौती केवल बेहतर तकनीक बनाने की नहीं, बल्कि बैंक, डिजिटल प्लेटफॉर्म, नियामकों और ग्राहकों के बीच बेहतर सुरक्षा व्यवस्था बनाने की है।
आम लोगों को यह समझना होगा कि किसी कॉल, वीडियो या संदेश का असली जैसा दिखना उसकी सत्यता का प्रमाण नहीं है। पैसे भेजने से पहले स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना और धोखाधड़ी होने पर तुरंत शिकायत करना सबसे जरूरी कदम हैं।
मुख्य संदेश: AI का इस्तेमाल सुरक्षा बढ़ाने के लिए भी हो सकता है और ठगी करने के लिए भी। इसलिए तकनीक पर भरोसा करने के साथ-साथ सतर्क रहना भी जरूरी है।
