अगर नौकरी के लिए पहले पैसे मांगे जाएं, सावधान रहें—यह ऑफर रोजगार नहीं, साइबर ठगी हो सकता है।
त्रिची में एयरपोर्ट नौकरी का झांसा देकर ₹1 लाख की साइबर ठगी, पहले मांगी सिर्फ ₹1,000 फीस….
त्रिची: तमिलनाडु के त्रिची में एयरलाइन में नौकरी पाने की उम्मीद एक 37 वर्षीय युवक के लिए भारी आर्थिक नुकसान में बदल गई। फर्जी एयरपोर्ट जॉब ऑफर के नाम पर ठगों ने उससे करीब ₹1 लाख कई किस्तों में ट्रांसफर करा लिए। जब पैसे मिलने के बाद कथित भर्ती एजेंट ने संपर्क बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ। मामले की शिकायत त्रिची सिटी की साइबर क्राइम पुलिस से की गई है और जांच जारी है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
रिपोर्ट के मुताबिक, त्रिची के North Tharanallur निवासी J. Rajasekar 13 अगस्त को एविएशन सेक्टर में नौकरी के अवसर तलाश रहे थे। इसी दौरान कुछ दिनों बाद उन्हें Vivek Rai नाम के व्यक्ति ने संपर्क किया।
कथित तौर पर उसने एयरलाइन में Ground Handling Staff की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। शुरुआत में भरोसा पैदा करने के लिए सिर्फ ₹1,000 Registration Fee मांगी गई।
इसके बाद ठग ने नौकरी पक्की करने के नाम पर अलग-अलग खर्चे बताए। पीड़ित से Uniform और Health Insurance के लिए भी पैसे जमा करने को कहा गया। नौकरी मिलने की उम्मीद में Rajasekar ने कई लेन-देन के जरिए कुल करीब ₹1 लाख बताए गए बैंक खाते में भेज दिए।
लेकिन रकम मिलने के बाद कथित आरोपी से संपर्क नहीं हो पाया। इसके बाद पीड़ित को समझ आया कि वह Fake Job Scam का शिकार हो चुका है और उसने साइबर क्राइम पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
इस ठगी में सबसे बड़ा लाल झंडा क्या था?
इस मामले की खास बात यह है कि ठगी की शुरुआत सीधे ₹1 लाख मांगकर नहीं हुई। पहले ₹1,000 की छोटी Registration Fee मांगी गई और उसके बाद धीरे-धीरे अलग-अलग कारण बताकर भुगतान कराया गया।
यही तरीका कई ऑनलाइन नौकरी घोटालों में दिखाई देता है। ठग पहले छोटी रकम लेकर भरोसा बनाते हैं और फिर Registration, Training, Uniform, Insurance, Verification या Security Deposit जैसे नामों पर भुगतान बढ़ाते जाते हैं।
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल ने भी Fake Job Racket और फर्जी नौकरी ऑफर से जुड़े साइबर अपराधों के बारे में अलग-अलग एडवाइजरी जारी की है। सरकारी पोर्टल पर नौकरी के नाम पर भेजे जाने वाले फर्जी संदेशों को भी साइबर फ्रॉड की एक श्रेणी के रूप में चिन्हित किया गया है।
त्रिची में बढ़ता साइबर फ्रॉड क्यों चिंताजनक है?
यह घटना अकेली नहीं है। हाल में त्रिची में साइबर अपराध से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पहले आठ महीनों में त्रिची शहर में साइबर फ्रॉड के कारण लोगों को कुल ₹10.2 करोड़ का नुकसान बताया गया, जबकि 1,606 साइबर अपराध शिकायतें दर्ज हुईं। इनमें e-challan fraud, investment fraud, digital arrest और online impersonation जैसे मामले शामिल हैं।
इसी तरह, त्रिची पुलिस ने हाल में लोगों को Digital Arrest Scam से भी सावधान किया है और स्पष्ट किया कि किसी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल पर धमकाकर पैसे ट्रांसफर कराने की कोई वैध “digital arrest” प्रक्रिया नहीं है। पुलिस ने साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करने की सलाह दी है।
नौकरी तलाशने वालों के लिए जरूरी सबक
इस मामले से सबसे महत्वपूर्ण बात यह सामने आती है कि नौकरी के नाम पर पहले पैसा मांगना एक गंभीर चेतावनी संकेत है।
किसी भी एयरलाइन, एयरपोर्ट या दूसरी बड़ी कंपनी की नौकरी का ऑफर मिलने पर केवल WhatsApp संदेश, फोन कॉल, ई-मेल या किसी व्यक्ति द्वारा भेजे गए दस्तावेजों पर भरोसा न करें।
इन 6 बातों की जांच जरूर करें:
- Company की Official Career Website पर वैकेंसी मौजूद है या नहीं।
- भर्ती करने वाले व्यक्ति का नाम और पद कंपनी के आधिकारिक स्रोत से सत्यापित करें।
- Registration या नौकरी पक्की कराने के नाम पर व्यक्तिगत बैंक खाते में भुगतान न करें।
- केवल आकर्षक Salary और Airport Job जैसे शब्द देखकर फैसला न लें।
- Offer Letter, Email ID और Website का Domain ध्यान से जांचें।
- संदेह होने पर पैसे भेजने से पहले परिवार, कंपनी के आधिकारिक HR या पुलिस से सत्यापन करें।
अगर पैसे भेज दिए हैं तो क्या करें?
साइबर फ्रॉड में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। ठगी का पता चलते ही 1930 National Cyber Crime Helpline पर शिकायत करें और National Cyber Crime Reporting Portal पर रिपोर्ट दर्ज करें। बैंक को भी तुरंत सूचित करके संबंधित ट्रांजैक्शन पर कार्रवाई की मांग करनी चाहिए।
साथ ही Transaction ID, UTR Number, मोबाइल नंबर, WhatsApp चैट, कॉल डिटेल, बैंक अकाउंट, ई-मेल और भेजे गए दस्तावेजों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखें। ये जांच में महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत हो सकते हैं।
निष्कर्ष
त्रिची का यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग अब केवल निवेश या बैंकिंग फ्रॉड तक सीमित नहीं हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों की उम्मीद और जल्द रोजगार पाने की इच्छा भी ठगी का हथियार बन रही है।
सबसे जरूरी नियम सरल है—“नौकरी पाने के लिए पहले पैसे दो” जैसी मांग को सामान्य भर्ती प्रक्रिया न समझें। ऑफर कितना भी आकर्षक क्यों न हो, भुगतान करने से पहले कंपनी और भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करना जरूरी है।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में ₹1 लाख की ठगी की शिकायत दर्ज हुई है और पुलिस की जांच जारी है। आरोपी की गिरफ्तारी या रकम की बरामदगी के संबंध में उपलब्ध रिपोर्ट में अभी कोई पुष्टि नहीं दी गई है।
