दिवाली से पहले दिल्ली में मिठाई और डेयरी की जांच: 40 नमूने लिए गए, करीब 100 किलो खराब खाना नष्ट!!!
दिवाली से पहले दिल्ली में मिठाई और डेयरी की जांच: 40 नमूने लिए गए, करीब 100 किलो खराब खाना नष्ट…..
नई दिल्ली, 6 नवंबर 2026। दिवाली से पहले दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के कई इलाकों में मिठाई की दुकानों, डेयरियों और मिठाई बनाने वाली इकाइयों की जांच की। जांच में मिले करीब 100 किलो खाने का सामान खाने लायक नहीं पाया गया और उसे नष्ट कर दिया गया। यह जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के बयान के हवाले से पीटीआई ने दी।
जांच में क्या-क्या मिला
| इलाका | क्या हुआ |
|---|---|
| उत्तर-पूर्व, पूर्व और शाहदरा | खोया, पनीर, घी, कलाकंद, लड्डू, गुलाब जामुन और ड्राई फ्रूट गिफ्ट पैक के 22 नमूने लिए गए |
| दक्षिण और दक्षिण-पूर्व | 12 दुकानों और इकाइयों की जांच हुई और 18 नमूने लिए गए |
| कुल | 40 नमूने |
सबसे गंभीर मामला मंडोली एक्सटेंशन की एक डेयरी का रहा। वहां अधिकारियों को बदबूदार खोया और रसगुल्ले मिले। दूध में मच्छर और मक्खियां भी पड़ी मिलीं। इसी जगह करीब 100 किलो सामान नष्ट किया गया।
निहाल विहार का मामला: शिकायत मिलने पर टीम ने वहां एक मिठाई बनाने वाली इकाई की जांच की और तीन नमूने लिए। यह इकाई FSSAI (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) में पंजीकृत ही नहीं थी।
साफ-सफाई में कमी मिलने पर 8 प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस (Improvement Notice) दिया गया। आगे की कार्रवाई लैब रिपोर्ट और निरीक्षण के नतीजों के आधार पर होगी।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि त्योहारों के समय मिलावट और गंदगी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने जनता की सेहत और उपभोक्ताओं के भरोसे को सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने विभाग को मिठाई की दुकानों, डेयरियों और फूड यूनिट्स की नियमित जांच करने और नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
खबर के पीछे की बात: हर दिवाली यही क्यों होता है
1. त्योहार में मांग बढ़ती है, इसलिए मिलावट का खतरा भी बढ़ता है। दिवाली में मिठाई की मांग बढ़ने पर मिलावट भी बढ़ जाती है। खोया और छेना में स्टार्च, मैदा, रिफाइंड तेल या स्किम्ड मिल्क पाउडर मिलाया जा सकता है। इसी कारण निरीक्षण में इन चीजों के नमूने सबसे ज्यादा लिए जाते हैं।
2. दिल्ली की दूसरी कार्रवाई भी बड़ी है। न्यूजलॉन्ड्री की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में 3 नवंबर तक 10,660 किलो खोया नष्ट किया जा चुका था, फिर भी मिलावट रुकती नहीं दिख रही। यानी 100 किलो वाली यह कार्रवाई पूरे अभियान का सिर्फ एक हिस्सा है।
3. FSSAI का देशव्यापी निर्देश। FSSAI ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को नवरात्रि और दिवाली के दौरान निगरानी, निरीक्षण और सैंपलिंग बढ़ाने को कहा था। इसमें मिठाई, दूध से बने उत्पाद और खाने का तेल शामिल हैं। साथ ही Food Safety on Wheels (चलती-फिरती जांच गाड़ी) तैनात करने और डेटा FoSCOS पोर्टल पर तुरंत अपडेट करने को कहा गया।
4. दूसरे राज्यों में भी यही हाल है। महाराष्ट्र के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने त्योहार की भारी मांग के बीच बड़ी कार्रवाई की और लोगों से दूध, तेल, मिठाई, खोया या नमकीन में कोई गड़बड़ी दिखे तो सीधे FDA को बताने की अपील की। तेलंगाना में दूध, खोया, पनीर, घी और तेल में मिलावट को लेकर खास सतर्कता की सलाह दी गई। इसलिए यह समस्या सिर्फ दिल्ली की नहीं, पूरे देश की है।
5. नमूना लेना और सजा मिलना अलग बातें हैं। 40 नमूने अभी सिर्फ जांच के लिए भेजे गए हैं। अगर लैब में मिलावट साबित होगी, तभी कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ेगी। नोटिस मिलने का मतलब दोषी साबित होना नहीं है। यह सुधार का मौका है।
आम लोग क्या करें
- FSSAI लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर देखकर ही दुकान से खरीदें। निहाल विहार वाला मामला बताता है कि बिना पंजीकरण वाली इकाइयां भी चल रही हैं।
- बहुत चमकदार रंग वाली मिठाई से बचें। रंग मिलाया गया हो सकता है।
- घर पर आयोडीन टेस्ट: देसी घी में आयोडीन की 2-3 बूंदें डालने पर नीला रंग आए तो उसमें स्टार्च मिला है। पनीर या खोया को पानी में उबालकर ठंडा करें और आयोडीन डालें। नीला रंग स्टार्च की मिलावट दिखाता है। ये घरेलू टेस्ट शुरुआती संकेत देते हैं। पक्का नतीजा सिर्फ लैब जांच से मिलता है।
- मिठाई ताजी, साफ जगह पर रखी और बिना बदबू वाली हो, यह जरूर देखें।
- शक हो तो FSSAI या अपने राज्य के खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें।
