Facebook से मिला ट्रेडिंग का ऑफर, भरोसा किया तो खाते से लाखों निकल गए!!!
उडुपी में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर ₹19.59 लाख की ठगी, Facebook विज्ञापन से शुरू हुआ जाल….
कर्नाटक के उडुपी में एक 35 वर्षीय व्यक्ति कथित ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश घोटाले का शिकार हो गया। ठगों ने उसे हर महीने 6 से 7 प्रतिशत रिटर्न दिलाने का भरोसा दिया। इस लालच में उसने अलग-अलग बैंक खातों में कुल ₹19,59,320 ट्रांसफर कर दिए। बाद में न तो निवेश की रकम वापस मिली और न ही वादा किया गया मुनाफा।
Facebook विज्ञापन से शुरू हुआ पूरा खेल
पुलिस शिकायत के मुताबिक, पीड़ित ने अगस्त 2024 में Facebook पर ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश से जुड़ा एक विज्ञापन देखा। विज्ञापन में दिए गए संपर्क के जरिए उसने कथित निवेश सलाहकारों से बातचीत शुरू की।
उसे बताया गया कि उनके माध्यम से निवेश करने पर हर महीने करीब 6%-7% रिटर्न मिल सकता है। यह दावा सामान्य बाजार रिटर्न से कहीं अधिक आकर्षक था। भरोसा होने के बाद पीड़ित ने 5 सितंबर 2024 से 8 फरवरी 2025 के बीच कई बार पैसे भेजे।
कुल मिलाकर NEFT और IMPS के जरिए ₹19,59,320 अलग-अलग कंपनियों और संस्थाओं के नाम पर बताए गए बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए। लेकिन जब रकम वापस लेने का समय आया तो ठगों ने पैसा लौटाया ही नहीं और promised returns भी नहीं मिले।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले में CEN Crime Police Station ने केस दर्ज किया है। रिपोर्ट के अनुसार आरोपियों के खिलाफ Information Technology Act की धारा 66(D) तथा BNS की धाराओं 316(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अब लेन-देन और संबंधित खातों की जांच कर रही है।
असल खतरा सिर्फ ₹19.59 लाख का नहीं है
इस मामले को केवल एक व्यक्ति की ठगी मानना बड़ी गलती होगी। Fake Trading Scam का सबसे खतरनाक हिस्सा यह है कि ठग शुरुआत में सीधे पैसा मांगने के बजाय पहले भरोसा बनाते हैं।
SEBI के अनुसार फर्जी ट्रेडिंग ऐप और निवेश घोटालों में ठग अक्सर सोशल मीडिया विज्ञापनों, WhatsApp/Telegram समूहों, नकली विशेषज्ञों और आकर्षक रिटर्न के दावों का इस्तेमाल करते हैं। कई मामलों में नकली ऐप पर निवेशक को बढ़ता हुआ मुनाफा भी दिखाई जाता है, जिससे वह और ज्यादा पैसा लगाने लगता है। अंत में जब वह रकम निकालने की कोशिश करता है तो withdrawal रोक दिया जाता है या अतिरिक्त शुल्क/टैक्स के नाम पर और पैसे मांगे जाते हैं।
6-7% मासिक रिटर्न क्यों बड़ा Red Flag है?
यह इस केस का सबसे महत्वपूर्ण संकेत है।
6% मासिक रिटर्न को अगर लगातार एक साल के लिए जोड़ा जाए तो यह साधारण 6% सालाना रिटर्न नहीं है। चक्रवृद्धि के हिसाब से 6% मासिक वृद्धि करीब 101% वार्षिक बैठती है। 7% मासिक पर यह लगभग 125% वार्षिक हो जाती है।
यानी किसी निवेश योजना में लगातार और लगभग निश्चित 6%-7% मासिक कमाई का दावा बेहद असामान्य है। SEBI भी निवेशकों को guaranteed/unrealistic returns के दावों से सावधान रहने को कहता है।
SEBI ने Fake Trading Apps को लेकर क्यों चेताया है?
SEBI ने बताया है कि फर्जी ऐप वास्तविक शेयर बाजार या पंजीकृत ब्रोकर के ऐप जैसे दिखाई दे सकते हैं। ठग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को ऐसे प्लेटफॉर्म तक पहुंचाते हैं और फिर नकली ट्रेडिंग स्क्रीन पर फर्जी मुनाफा दिखाकर ज्यादा निवेश के लिए प्रेरित करते हैं।
मार्च 2026 में SEBI ने Google के साथ मिलकर SEBI-registered stock trading apps के लिए Verified Label पहल भी शुरू की। इसका उद्देश्य निवेशकों को असली और नकली ट्रेडिंग ऐप पहचानने में मदद करना है। SEBI ने निवेश से पहले Check, Validate और Verify करने पर जोर दिया है।
इस तरह के फ्रॉड से कैसे बचें?
1. Social Media Ad देखकर निवेश न करें
Facebook, Instagram, YouTube, WhatsApp या Telegram पर दिखने वाला निवेश विज्ञापन अपने आप में भरोसे का प्रमाण नहीं है।
2. Broker/Advisor का SEBI Registration जांचें
निवेश सलाह देने वाली संस्था या ब्रोकर वास्तव में SEBI से पंजीकृत है या नहीं, इसकी स्वतंत्र रूप से जांच करें। केवल सामने वाले द्वारा भेजे गए certificate या screenshot पर भरोसा न करें।
3. किसी व्यक्ति के निजी या संदिग्ध Bank Account में पैसा न भेजें
SEBI ने Fake Trading App scams में third-party accounts में payment को प्रमुख red flag बताया है।
4. Guaranteed Profit = खतरे की घंटी
शेयर बाजार में जोखिम होता है। कोई व्यक्ति अगर बिना जोखिम के लगातार ऊंचा मुनाफा देने का दावा कर रहा है तो अत्यधिक सावधानी जरूरी है।
5. पैसे निकालने पर Tax/Unlocking Fee मांगी जाए तो रुक जाएं
यह Fake Trading Scam का आम चरण हो सकता है। पहले पैसा फंसाया जाता है और फिर withdrawal के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगी जाती है।
अगर ठगी हो जाए तो तुरंत क्या करें?
सबसे जरूरी बात है देरी न करना। भारत सरकार के National Cyber Crime Reporting Portal के अनुसार ऑनलाइन financial fraud होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। शिकायत cybercrime.gov.in पर भी की जा सकती है।
बैंक transaction details, UTR/transaction IDs, screenshots, WhatsApp/Telegram chats, मोबाइल नंबर, website/app details और payment receipts जैसे सबूत सुरक्षित रखें। जल्दी शिकायत करने से संबंधित लेन-देन पर कार्रवाई की संभावना बेहतर हो सकती है।
उडुपी का यह मामला दिखाता है कि Cyber Fraud अब सिर्फ OTP या बैंकिंग लिंक तक सीमित नहीं है। अब ठग निवेशक की सबसे बड़ी कमजोरी—जल्दी और ज्यादा पैसा कमाने की उम्मीद—को निशाना बना रहे हैं।
इस केस में ₹19.59 लाख का नुकसान एक महत्वपूर्ण चेतावनी है: पहले निवेश प्लेटफॉर्म की पहचान और SEBI registration जांचें, फिर पैसा लगाएं। केवल स्क्रीन पर दिखाई देने वाला मुनाफा असली कमाई नहीं होता।
