इंटरपोल की वैश्विक चोट, 22 देशों में साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई!!!!
इंटरपोल का बड़ा साइबर क्राइम ऑपरेशन: 22 देशों में कार्रवाई, 58 गिरफ्तार और 263 संदिग्धों की पहचान…..
नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध और संगठित वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ इंटरपोल ने बड़ी कार्रवाई की है। Operation Jackal IV नाम से चलाए गए आठ महीने लंबे अभियान में 58 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 263 संदिग्धों की पहचान की गई। यह अभियान नवंबर 2025 से जून 2026 तक चला और इसमें छह महाद्वीपों के 22 देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियां शामिल रहीं।
इस अभियान का मुख्य निशाना पश्चिम अफ्रीका से जुड़े Organized Crime Networks, खासकर Black Axe और इसी तरह के आपराधिक नेटवर्क थे। इंटरपोल के मुताबिक इन समूहों का संबंध Romance Scam, Cryptocurrency और Investment Fraud, Business Email Compromise (BEC) तथा मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों से पाया गया है।
क्या है Operation Jackal IV?
Operation Jackal IV केवल गिरफ्तारी अभियान नहीं था। इसका उद्देश्य अपराधियों तक पहुंचने के साथ-साथ उनके पैसे, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को निशाना बनाना था।
इंटरपोल ने अभियान के दौरान Money Laundering की जांच, हाई-वैल्यू संदिग्धों की पहचान, अवैध संपत्तियों को जब्त करने और अभियोजन में सहयोग पर जोर दिया। विभिन्न देशों की एजेंसियों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने और डिजिटल सबूतों के विश्लेषण में भी इंटरपोल ने सहायता दी।
इंटरपोल के Financial Crime and Anti-Corruption Centre के निदेशक Tomonobu Kaya के अनुसार, अपराधियों के अवैध वित्तीय लेनदेन का पीछा करना संगठित अपराध की आर्थिक नींव पर प्रहार करने का प्रभावी तरीका है।
दक्षिण अफ्रीका में सबसे बड़ी कार्रवाई
ऑपरेशन के दौरान दक्षिण अफ्रीका में महत्वपूर्ण कार्रवाई सामने आई। जोहान्सबर्ग में सात ठिकानों पर छापे मारे गए। जांचकर्ताओं के मुताबिक वहां सक्रिय एक नेटवर्क Romance Scam और Investment Fraud के जरिए मुख्य रूप से अंग्रेजी बोलने वाले देशों के बुजुर्गों को निशाना बना रहा था।
इस कार्रवाई में 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने लगभग 2.67 मिलियन डॉलर की संपत्ति जब्त की और 257 बैंक खातों को ब्लॉक किया।
जांच से यह भी पता चला कि इस नेटवर्क में अलग-अलग लोगों को ठगी के अलग-अलग चरणों की जिम्मेदारी दी जाती थी। कुछ सदस्य पीड़ितों के साथ संपर्क बनाते थे, जबकि दूसरे उन्हें लंबे समय तक धोखे में रखकर पैसे निकालने की प्रक्रिया संभालते थे। यह मॉडल बताता है कि आधुनिक ऑनलाइन ठगी अक्सर किसी एक व्यक्ति का काम नहीं बल्कि संगठित और भूमिका-आधारित अपराध होती है।
अर्जेंटीना में ‘Crime-as-a-Service’ का बड़ा नेटवर्क
Argentina में जांच के दौरान एक ऐसे नेटवर्क का पता चला जो अपराधियों को ऑनलाइन अपराध करने के लिए जरूरी सेवाएं उपलब्ध करा रहा था।
इंटरपोल के अनुसार, 196 लोगों की पहचान इस नेटवर्क से जुड़े होने के तौर पर हुई और कार्रवाई में 17 गिरफ्तारियां हुईं। नेटवर्क कथित तौर पर पश्चिम अफ्रीकी आपराधिक समूहों को वेबसाइट डोमेन और Money Laundering Support जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रहा था।
यह पहलू खास तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि अब साइबर अपराध में अपराधी हर तकनीकी काम खुद नहीं करते। वे वेबसाइट, अकाउंट, तकनीकी ढांचा, मनी-म्यूल नेटवर्क या अन्य सेवाएं बाहरी लोगों से खरीद सकते हैं। इसे Crime-as-a-Service (CaaS) कहा जाता है।
रोमानिया में करोड़ों यूरो का Investment Scam
Romania में अधिकारियों ने एक ऐसे आपराधिक समूह को तोड़ा जो कॉल सेंटर के जरिए लोगों को शेयर और Cryptocurrency में ऊंचे रिटर्न का लालच देता था।
इंटरपोल के मुताबिक इस नेटवर्क के जरिए करीब 143 मिलियन यूरो की रकम चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी थी। कार्रवाई में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया। लगभग 330,000 यूरो की नकदी और Cryptocurrency, छह रियल एस्टेट संपत्तियां और कई महंगी घड़ियां जब्त की गईं।
यह मामला दिखाता है कि ऑनलाइन Investment Scam अब केवल फर्जी वेबसाइट या सोशल मीडिया संदेश तक सीमित नहीं है। कई मामलों में अपराधी कॉल सेंटर, नकली निवेश प्लेटफॉर्म, डिजिटल वॉलेट और अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग नेटवर्क को एक साथ इस्तेमाल करते हैं।
इटली में 560 ट्रांजैक्शन से Money Laundering
Italy में एक संदिग्ध का संबंध ऐसे अंतरराष्ट्रीय मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क से पाया गया, जिसमें कथित तौर पर Shell Companies, Remittance Services और Cash Withdrawals का इस्तेमाल किया गया।
इंटरपोल के अनुसार, एक बैंक खाते से लगभग 845,000 यूरो की रकम 560 लेनदेन के जरिए घुमाई गई और इसके लिए 20 अलग-अलग वित्तीय साधनों का इस्तेमाल किया गया।
अब बच्चों को भी निशाना बना रहा Sextortion
Operation Jackal IV की सबसे चिंताजनक findings में से एक Online Sextortion का बढ़ता इस्तेमाल है।
इंटरपोल ने पाया कि कुछ संगठित अपराध समूह सोशल मीडिया के जरिए नाबालिगों से संपर्क करते हैं, विश्वास कायम करते हैं और फिर उनसे निजी तस्वीर या वीडियो हासिल करने की कोशिश करते हैं। इसके बाद अपराधी उस सामग्री को परिवार या दोस्तों तक पहुंचाने की धमकी देकर पैसे मांगते हैं।
इंटरपोल के मुताबिक कुछ मामलों में पीड़ितों की उम्र 14 साल तक थी।
यह ट्रेंड केवल आर्थिक अपराध नहीं बल्कि Child Online Safety का गंभीर मुद्दा भी है। बच्चों और किशोरों के लिए सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क, निजी तस्वीर साझा करना और ब्लैकमेल की स्थिति में तुरंत मदद लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
Black Axe को लेकर क्या समझना जरूरी है?
Black Axe का नाम इस अभियान के संदर्भ में प्रमुखता से सामने आया है। हालांकि किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी या किसी नेटवर्क से संबंध का मतलब यह नहीं है कि हर संदिग्ध पर आरोप अदालत में साबित हो चुके हैं। जांच और न्यायिक प्रक्रिया अलग-अलग चरण हैं।
इंटरपोल ने Black Axe और इसी तरह के पश्चिम अफ्रीकी संगठित अपराध नेटवर्क को वैश्विक Cyber-enabled Financial Fraud के महत्वपूर्ण स्रोतों में बताया है। इन नेटवर्कों की गतिविधियों में Romance Scam, Investment Fraud, Cryptocurrency Scam और Business Email Compromise जैसे तरीके शामिल हैं।
इस कार्रवाई से भारत के लिए क्या सबक?
भारत में भी Digital Arrest, Investment Scam, Cryptocurrency Fraud, Romance Scam, Fake Customer Care और Business Impersonation जैसे मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। Operation Jackal IV का सबसे बड़ा सबक यह है कि साइबर अपराध की जांच केवल अपराधी के मोबाइल नंबर या सोशल मीडिया अकाउंट तक सीमित नहीं रह सकती।
अपराधी एक देश में बैठकर दूसरे देश के व्यक्ति को निशाना बना सकता है, पैसा तीसरे देश के खाते में भेज सकता है और उसे चौथे देश की Cryptocurrency wallet या किसी अन्य माध्यम से घुमा सकता है।
इसलिए प्रभावी कार्रवाई के लिए Cross-border Intelligence Sharing, Financial Tracking, Bank Account Freezing, Cryptocurrency Tracing और Digital Evidence Preservation बेहद जरूरी हैं।
आम लोगों के लिए जरूरी सावधानियां
- सोशल मीडिया पर बने नए ऑनलाइन रिश्तों के बाद पैसे भेजने से बचें।
- Cryptocurrency या शेयर में गारंटीड/असामान्य रिटर्न का दावा करने वाली योजनाओं की स्वतंत्र जांच करें।
- किसी कंपनी के ईमेल या Payment Request पर तुरंत भरोसा न करें।
- निजी तस्वीर या वीडियो किसी अनजान व्यक्ति को न भेजें।
- ब्लैकमेल होने पर पैसे देने के बजाय तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम एजेंसी से संपर्क करें।
- बैंक खाते में संदिग्ध लेनदेन दिखे तो बैंक को तुरंत सूचित करें।
- किसी निवेश या नौकरी के प्रस्ताव में पहले official verification करें।
विश्लेषण: असली लड़ाई गिरफ्तारी से आगे है
Operation Jackal IV की सबसे महत्वपूर्ण बात सिर्फ 58 गिरफ्तारियां नहीं हैं। असली महत्व इस बात का है कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने अपराध के पूरे financial ecosystem को समझने और बाधित करने की कोशिश की है।
आज का साइबर अपराध एक डिजिटल दुकान की तरह काम कर सकता है—कोई व्यक्ति पीड़ित खोजता है, कोई बातचीत करता है, कोई नकली वेबसाइट बनाता है, कोई बैंक खाते उपलब्ध कराता है और कोई पैसा दूसरी जगह पहुंचाता है। यानी अपराध की पूरी श्रृंखला अलग-अलग देशों और व्यक्तियों में बंटी हो सकती है।
इसीलिए “Follow the Money” रणनीति महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि जांच एजेंसियां केवल सामने मौजूद स्कैमर को पकड़ती हैं लेकिन उसके बैंक खाते, मनी-म्यूल, Cryptocurrency wallet, वेबसाइट और सहयोगी नेटवर्क तक नहीं पहुंचतीं, तो पूरा नेटवर्क दोबारा सक्रिय हो सकता है।
Operation Jackal IV यह संकेत देता है कि आने वाले समय में साइबर अपराध के खिलाफ लड़ाई Technology + Financial Intelligence + International Cooperation के संयुक्त मॉडल पर ज्यादा निर्भर होगी।
सबसे बड़ा खतरा यह है कि अपराधी भी तेजी से professional हो रहे हैं। Crime-as-a-Service, Cryptocurrency, Social Engineering और Sextortion जैसे तरीके बताते हैं कि ऑनलाइन अपराध अब केवल “फर्जी कॉल” का मामला नहीं रह गया है। यह एक संगठित वैश्विक अर्थव्यवस्था का रूप ले रहा है—और इसका मुकाबला भी उसी स्तर की अंतरराष्ट्रीय रणनीति से करना होगा।
परिणाम: Operation Jackal IV नवंबर 2025 से जून 2026 तक चला; 22 देशों ने भाग लिया; 58 गिरफ्तारियां हुईं; 263 संदिग्धों की पहचान हुई; दक्षिण अफ्रीका में 39 गिरफ्तारियां और 257 बैंक खाते ब्लॉक किए गए; जबकि रोमानिया में लगभग 143 मिलियन यूरो के Investment Scam से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ।
