Job और Visa के नाम पर जालसाजी, चंडीगढ़ में Immigration Fraud के आठ मामले सामने आए
चंडीगढ़ में Immigration Fraud का बड़ा खुलासा: एक ही दिन में 8 लोगों से 59 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी
चंडीगढ़ में विदेश भेजने और नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक ही दिन में इमिग्रेशन फ्रॉड से जुड़े आठ मामलों समेत कुल नौ FIR दर्ज की हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि Visa और Overseas Placement Consultants ने विदेश में नौकरी या वीजा दिलाने का भरोसा देकर उनसे लाखों रुपये लिए, लेकिन न नौकरी मिली और न ही वीजा।
क्या है पूरा मामला?
चंडीगढ़ पुलिस के अनुसार, अलग-अलग शिकायतों में लोगों ने आरोप लगाया कि शहर में चल रही कुछ इमिग्रेशन और ओवरसीज प्लेसमेंट कंसल्टेंसी ने उन्हें विदेश भेजने तथा नौकरी दिलाने का वादा किया था।
इन मामलों में शिकायतकर्ताओं से करीब ₹59 लाख से अधिक रकम ली गई। आरोप है कि पैसे लेने के बाद संबंधित एजेंसियों ने न तो वादा पूरा किया और न ही रकम वापस की।
पुलिस ने इन मामलों में Sector 17, Sector 3, Sector 34 और Sector 36 थानों में FIR दर्ज की हैं। जिन कंसल्टेंसी और लोगों के नाम सामने आए हैं, वे मुख्य रूप से Sector 9, 17, 34 और 35 में काम कर रहे थे। फिलहाल सभी मामलों की जांच जारी है।
पीड़ितों से कितने पैसे लिए गए?
पुलिस रिकॉर्ड में सामने आए मामलों में अलग-अलग लोगों से लाखों रुपये लिए जाने का आरोप है। कुछ मामलों में रकम लगभग ₹3.59 लाख से ₹15.93 लाख तक बताई गई है।
चंडीगढ़ पुलिस की केस ब्रीफ के अनुसार, कुछ शिकायतों में करीब ₹9.45 लाख, ₹15.93 लाख, ₹7.40 लाख, ₹5.05 लाख, ₹6.55 लाख और ₹7.11 लाख जैसी रकम का उल्लेख है। आरोप है कि विदेश भेजने का भरोसा देने के बावजूद वीजा नहीं दिया गया और पैसा भी वापस नहीं किया गया।
पीड़ित सिर्फ चंडीगढ़ के रहने वाले नहीं हैं। शिकायतकर्ताओं में पंजाब, चंडीगढ़, दिल्ली, केरल और छत्तीसगढ़ से जुड़े लोग शामिल हैं। इससे संकेत मिलता है कि ऐसी कंसल्टेंसी का नेटवर्क स्थानीय युवाओं तक सीमित नहीं है और दूसरे राज्यों के नौकरी तलाशने वाले लोग भी इनके संपर्क में आ रहे हैं।
सिर्फ एक घटना नहीं, लगातार सामने आ रहे हैं Immigration Fraud के मामले
चंडीगढ़ में इमिग्रेशन फ्रॉड कोई नया मामला नहीं है। इससे पहले भी शहर में अलग-अलग Visa और Overseas Job Consultancy के खिलाफ कार्रवाई होती रही है।
Hindustan Times की एक पिछली रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में चंडीगढ़ में 42 ऐसी फर्मों की पहचान की गई थी जिन पर इमिग्रेशन फ्रॉड से जुड़े आरोप सामने आए थे। रिपोर्ट में बताया गया था कि ऐसे मामलों में Sector 8, 17, 34 और 40 जैसे इलाकों की कई फर्में जांच के दायरे में आई थीं।
इसी तरह, 2026 में भी चंडीगढ़ पुलिस ने कई इमिग्रेशन कंपनियों के खिलाफ अलग-अलग FIR दर्ज की हैं। एक अन्य मामले में सात FIR में करीब ₹66 लाख की कथित Visa Fraud शिकायतें सामने आई थीं।
विदेश जाने की चाहत बन रही है ठगों का हथियार
ऐसे मामलों में ठग अक्सर लोगों की विदेश जाने और अच्छी नौकरी पाने की इच्छा का फायदा उठाते हैं।
आमतौर पर पीड़ितों को बताया जाता है कि उन्हें—
- विदेश में अच्छी Salary वाली Job मिलेगी
- Work Permit जल्दी मिल जाएगा
- Visa लगभग तय है
- विदेश पहुंचते ही नौकरी शुरू हो जाएगी
- पूरी प्रक्रिया Legal और Guaranteed है
इसके बाद Processing Fee, Visa Fee, Documentation Charge, Security या Placement के नाम पर बड़ी रकम मांगी जा सकती है।
सबसे बड़ा खतरा तब होता है जब व्यक्ति बिना स्वतंत्र जांच किए लाखों रुपये एडवांस में दे देता है।
एक और बड़ा खतरा: Fake Job और Overseas Recruitment Scam
विदेश में नौकरी के नाम पर ठगी केवल Visa तक सीमित नहीं है। हाल में पंजाब के एक युवक ने भी आरोप लगाया कि उसे रूस में नौकरी का झांसा देकर विदेश भेजा गया, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उसे बेहद खराब परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। उसने एजेंट के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई। यह मामला दिखाता है कि Overseas Job Fraud में जोखिम केवल पैसे गंवाने तक सीमित नहीं रह सकता।
इस खबर से सबसे बड़ा सबक क्या है?
विदेश भेजने वाला हर एजेंट या Consultancy जरूरी नहीं कि असली हो।
किसी भी व्यक्ति को लाखों रुपये देने से पहले यह जांचना जरूरी है कि—
- Consultancy का Registration और Licence वैध है या नहीं।
- विदेश में नौकरी देने वाली कंपनी वास्तव में मौजूद है या नहीं।
- Job Offer सीधे कंपनी के आधिकारिक माध्यम से Verify हुआ है या नहीं।
- Visa का प्रकार क्या है—Tourist, Student, Work या कोई दूसरा?
- पैसे देने से पहले लिखित Agreement और Receipt ली गई है या नहीं।
- Passport और दूसरे जरूरी Documents किसके पास रखे जा रहे हैं।
- केवल WhatsApp Chat, Social Media Advertisement या एजेंट के वादे पर भरोसा न करें।
- “100% Visa Guarantee” और “Guaranteed Foreign Job” जैसे दावों को Red Flag मानें।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
चंडीगढ़ पुलिस ने संबंधित मामलों में Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामले दर्ज किए हैं। जहां लागू है, वहां Emigration Act की धाराएं भी लगाई गई हैं। पुलिस अब शिकायतों, भुगतान के रिकॉर्ड, कंसल्टेंसी के दस्तावेजों और आरोपों की जांच कर रही है।
यह भी महत्वपूर्ण है कि FIR दर्ज होना आरोप साबित होना नहीं है। पुलिस की जांच और अदालत की प्रक्रिया के बाद ही आरोपों की अंतिम कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
Analytical Takeaway
यह मामला केवल आठ लोगों के पैसे गंवाने की कहानी नहीं है। यह उस बड़े जोखिम की ओर इशारा करता है जहां विदेशी नौकरी, Visa और Migration की बढ़ती मांग को संगठित ठगी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
जब किसी व्यक्ति से Visa या Job के नाम पर कई लाख रुपये लिए जाते हैं और पूरा लेनदेन बिना पारदर्शी दस्तावेजों के होता है, तो पीड़ित के लिए बाद में पैसा वापस पाना मुश्किल हो सकता है।
इसलिए विदेश जाने की तैयारी में सबसे जरूरी नियम है:
“पहले Verification, फिर Payment.”
किसी Consultancy का Office, Website या Professional दिखना उसकी विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। वास्तविक Verification हमेशा उसके Registration, Employer, Visa Process और दस्तावेजों के स्वतंत्र सत्यापन से होना चाहिए।
