करोड़ों के Crypto Network पर ED की कार्रवाई, जांच में सामने आया Cash, Bank Accounts और Digital Tokens का ट्रेल।
₹146 करोड़ के Hashpe Crypto Fraud की जांच में ED की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार…..
क्रिप्टोकरेंसी में बड़े मुनाफे का सपना दिखाकर निवेश जुटाने के आरोपों से जुड़े Hashpe Crypto Fraud और Money Laundering Case में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने दो और लोगों को गिरफ्तार किया है। एजेंसी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान Syed Usman उर्फ Babu और Dhamodharan Balachandran के रूप में हुई है।
ED ने दोनों को 22 सितंबर 2026 को Prevention of Money Laundering Act (PMLA), 2002 की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया। दोनों को Special PMLA Court के सामने पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा।
शुरुआत कैसे हुई?
इस मामले की जड़ पुडुचेरी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR से जुड़ी है। ED ने इसी FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच में Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS), 2023 और Information Technology Act, 2000 से जुड़ी धाराओं के तहत दर्ज मामले को भी आधार बनाया गया।
ED के अनुसार, Syed Usman, Imran Basha और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर Hashpe नाम से एक निवेश योजना शुरू की और इसे Cryptocurrency Trading Platform के रूप में पेश किया।
लोगों को TCX नाम की कथित Cryptocurrency में निवेश करने के लिए आकर्षित किया गया। निवेशकों को ज्यादा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया गया। ED के अनुसार, रकम Bank Transfer, Cryptocurrency और Cash के जरिए ली गई।
निवेशकों का भरोसा जीतने के लिए बनाया गया बड़ा प्रचार तंत्र
जांच एजेंसी का आरोप है कि इस योजना को सामान्य निवेश योजना से ज्यादा भरोसेमंद दिखाने के लिए बड़े प्रचार कार्यक्रम आयोजित किए गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, Launch Event, Car Award Ceremony, Social Media Promotion और Referral Commission जैसे तरीकों का इस्तेमाल किया गया। एक कार्यक्रम में बॉलीवुड से जुड़े सेलिब्रिटी भी शामिल हुए थे। मुंबई में Cruise Event आयोजित किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
यही हिस्सा इस मामले को समझने के लिए महत्वपूर्ण है। किसी निवेश योजना में सेलिब्रिटी, भव्य लॉन्च या सोशल मीडिया प्रचार दिखाई देने का मतलब यह नहीं होता कि योजना नियामकीय रूप से सुरक्षित या वैध है।
₹146 करोड़ का पैसा कहां से आया?
ED की जांच के अनुसार, इस पूरे मामले में करीब ₹146 करोड़ की रकम सामने आई है। एजेंसी ने इसे अलग-अलग रूपों में ट्रेस किया है।
- करीब ₹16 करोड़ को अपराध से प्राप्त रकम यानी Proceeds of Crime (PoC) के रूप में बताया गया है।
- Hify Circle नाम के बैंक अकाउंट में करीब ₹10.52 करोड़ के क्रेडिट की जानकारी सामने आई।
- करीब ₹120 करोड़ की रकम TCX Coins के रूप में बताई गई है।
यहां एक जरूरी बात समझना चाहिए—₹146 करोड़ का आंकड़ा ED की जांच में सामने आए कथित फंड फ्लो से संबंधित है। इसे अदालत द्वारा अंतिम रूप से साबित हुई धोखाधड़ी की रकम मानना सही नहीं होगा। मामले की न्यायिक प्रक्रिया अभी जारी है।
दोनों आरोपियों की कथित भूमिका क्या थी?
ED के मुताबिक, दोनों आरोपियों की भूमिका अलग-अलग स्तर पर महत्वपूर्ण बताई गई है।
Syed Usman पर आरोप है कि वह बड़े Cash Investments को संभालता था और Hify Circle के बैंक अकाउंट के संचालन से भी जुड़ा था, जिसमें निवेशकों की रकम आने की बात कही गई है।
दूसरी ओर, Dhamodharan Balachandran पर Hashpe Software, Database और Cryptocurrency Operations संभालने का आरोप है। जांच के अनुसार वह Platform के Wallet Functions से भी जुड़ा था।
ED का दावा है कि कथित Proceeds of Crime को आरोपियों, उनके परिवार के सदस्यों और संबंधित संस्थाओं के बैंक खातों में भेजा गया तथा कुछ रकम Cryptocurrency और Immovable Properties में लगाने की कोशिश की गई।
मामला पहले भी ED की कार्रवाई में आ चुका था
यह इस केस में ED की पहली कार्रवाई नहीं है।
1 सितंबर 2026 को ED के Chennai Zonal Office-II ने Chennai, Coimbatore और Kolkata में 11 ठिकानों पर तलाशी ली थी। इसके बाद 3 सितंबर को Imran Basha और Hitesh Kumar को PMLA के तहत गिरफ्तार किया गया था। उन्हें Special PMLA Court ने पांच दिन की ED custody में भेजा था।
सितंबर की शुरुआती कार्रवाई के दौरान मीडिया रिपोर्टों में करीब ₹40 करोड़ की कथित निवेश रकम का जिक्र था। बाद की जांच में ED ने कुल कथित फंड फ्लो को करीब ₹146 करोड़ बताया। इसलिए दोनों आंकड़ों को एक ही चरण की रकम समझना उचित नहीं होगा।
इस मामले से आम निवेशक क्या समझे?
Hashpe मामले में सबसे अहम पहलू केवल Cryptocurrency नहीं, बल्कि निवेशकों का भरोसा बनाने के तरीके हैं।
किसी निवेश योजना में अगर आपको—
गारंटीड या असामान्य रिटर्न,
Referral से कमाई,
जल्दी पैसा लगाने का दबाव,
सेलिब्रिटी या बड़े कार्यक्रमों के जरिए भरोसा,
ऐसे Digital Tokens जिनकी वास्तविक उपयोगिता स्पष्ट न हो,
या पैसा निकालने में अचानक रोक
जैसी बातें दिखाई दें, तो सावधानी जरूरी है।
Crypto या Digital Asset से जुड़ा कोई भी निवेश अपने आप सुरक्षित नहीं हो जाता सिर्फ इसलिए कि उसके पीछे Website, App, Token, Social Media Page या भव्य Launch Event मौजूद है।
जांच का अगला चरण क्यों महत्वपूर्ण है?
ED की कार्रवाई का अगला महत्वपूर्ण हिस्सा कथित रकम के Money Trail को समझना होगा—यानी निवेशकों से पैसा निकलने के बाद वह किन Bank Accounts, Wallets, Entities और Assets तक पहुंचा।
यही Money Laundering Investigation का केंद्रीय पहलू है।
ED की कार्रवाई से यह भी संकेत मिलता है कि जांच केवल उस व्यक्ति तक सीमित नहीं है जिसने निवेश योजना का प्रचार किया, बल्कि कथित तौर पर पैसे को Collect, Layer और Divert करने में शामिल नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
फिलहाल अदालत ने दोनों आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत दी है और जांच जारी है। इसलिए आरोपों को अंतिम अपराध सिद्ध होने के रूप में पेश करना जल्दबाजी होगी। आगे की जांच और न्यायिक कार्यवाही यह तय करेगी कि किस आरोपी की क्या भूमिका और कितनी जिम्मेदारी स्थापित होती है।
सार यह है कि Hashpe मामले में ED करीब ₹146 करोड़ के कथित Money Trail की जांच कर रही है और अब तक चार लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आ चुकी है। मामले में Cryptocurrency, निवेश का लालच, प्रचार नेटवर्क, बैंक खातों और कथित Proceeds of Crime—इन सभी पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण है।
