UAE में भारतीयों पर नया खतरा, फर्जी एजेंट Visa के नाम पर Fingerprint और Face Scan मांग रहे हैं।
UAE में भारतीयों को Biometric Scam का खतरा, फर्जी एजेंट Fingerprint और Face Scan से कर रहे ठगी….
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए Indian Consulate, Dubai ने गंभीर धोखाधड़ी को लेकर चेतावनी जारी की है। खासतौर पर Blue-Collar Workers को ऐसे फर्जी एजेंटों से सावधान रहने को कहा गया है, जो Visa Regularisation, Emergency Certificate, Exit Permit, Emirates ID या नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से संपर्क कर रहे हैं।
इस ठगी का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि कुछ मामलों में एजेंट लोगों से सिर्फ पैसे या दस्तावेज नहीं, बल्कि Biometric Data यानी Fingerprint, Face Scan और Eye Scan भी लेने की कोशिश कर रहे हैं।
इस डेटा का कथित रूप से इस्तेमाल पीड़ित की जानकारी के बिना Financial Transactions, Bank Accounts, Loans और Credit Cards जैसी गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। इसके बाद जिस व्यक्ति की पहचान का दुरुपयोग हुआ है, उसे ऐसे वित्तीय दायित्वों, जुर्माने, Travel Ban और कुछ मामलों में जेल जैसी गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
फर्जी एजेंट कैसे बना रहे हैं लोगों को निशाना?
ठग खुद को सरकारी प्रक्रिया में मदद करने वाला एजेंट बताते हैं। वे दावा कर सकते हैं कि वे किसी भारतीय नागरिक की वीजा स्थिति ठीक करा देंगे, Emergency Certificate या White Passport बनवा देंगे, UAE से निकलने के लिए Exit Permit/Outpass दिला देंगे या Emirates ID बनवाने में मदद करेंगे।
कुछ लोग नौकरी दिलाने के नाम पर भी ऐसे एजेंटों के संपर्क में आ सकते हैं।
इसके बाद कथित एजेंट दस्तावेजों के साथ Fingerprint या Face Scan कराने को कह सकते हैं। व्यक्ति को यह सामान्य सरकारी प्रक्रिया लग सकती है, जबकि असली खतरा उसकी Digital Identity से जुड़ा है।
सबसे महत्वपूर्ण अंतर समझिए
हर Biometric Verification फर्जी नहीं है।
UAE की कुछ सरकारी सेवाओं में नियमों के अनुसार biometric verification की जरूरत हो सकती है। भारतीय Consulate का स्पष्ट निर्देश है कि यदि Exit Permit, Emirates ID या Visa Regularisation के लिए biometric scan जरूरी हो, तो वह केवल Official UAE Government Facilities/Counters पर ही कराया जाए।
किसी निजी व्यक्ति, एजेंट या तीसरे पक्ष के सर्विस प्रोवाइडर के पास biometric देने से बचना चाहिए, भले ही वह खुद को सरकारी रूप से अधिकृत बताता हो।
Embassy के नाम पर Biometric मांगा जाए तो समझें Red Flag
भारतीय मिशन ने एक महत्वपूर्ण स्पष्टीकरण भी दिया है।
Indian Consulate General, Dubai और Embassy of India, Abu Dhabi पासपोर्ट या Emergency Certificate जारी करने के लिए आवेदकों से Fingerprint, Face Scan या Eye Scan नहीं मांगते।
इसलिए अगर कोई व्यक्ति या एजेंट खुद को भारतीय Embassy/Consulate का प्रतिनिधि बताकर इन सेवाओं के लिए biometric data मांगता है, तो उसे Fraud Red Flag माना जाना चाहिए।
Biometric Data का दुरुपयोग इतना गंभीर क्यों है?
आमतौर पर लोगों को लगता है कि बैंक फ्रॉड का खतरा सिर्फ OTP, PIN या Password चोरी होने से होता है। लेकिन Digital Identity के बढ़ते इस्तेमाल के साथ Biometric Information भी बेहद संवेदनशील डेटा बन गई है।
इस मामले में Consulate ने बताया है कि ठग biometric information का इस्तेमाल कथित तौर पर:
- पीड़ित के नाम पर Bank Account खोलने,
- Financial Transactions करने,
- Loan लेने,
- Credit Card हासिल करने
जैसी गतिविधियों में कर सकते हैं।
इसका दूसरा बड़ा खतरा यह है कि व्यक्ति को बाद में ऐसे वित्तीय लेन-देन के लिए जवाब देना पड़ सकता है, जिसके बारे में उसे जानकारी ही नहीं थी। Consulate ने Fines, Travel Bans और संभावित Imprisonment जैसे परिणामों की भी चेतावनी दी है।
Blue-Collar Workers पर विशेष ध्यान क्यों?
भारतीय मिशन ने विशेष रूप से Blue-Collar Workers का उल्लेख किया है। इसका मतलब यह नहीं है कि केवल मजदूर या कम आय वाले भारतीय ही निशाने पर हैं।
दरअसल, विदेश में रहने वाले कामगारों को कभी-कभी Visa, Employer, Passport, Exit Permit और Employment Documentation से जुड़ी मदद की जरूरत पड़ सकती है। इसी जरूरत का फायदा उठाकर कोई व्यक्ति खुद को एजेंट बताकर भरोसा हासिल कर सकता है।
यहीं से Social Engineering शुरू होती है—पहले मदद का भरोसा, फिर दस्तावेज और अंत में संवेदनशील पहचान संबंधी डेटा।
इस Scam से बचने के 7 आसान नियम
1. Biometric किसी निजी एजेंट को न दें।
Fingerprint, Face या Eye Scan केवल निर्धारित आधिकारिक सरकारी केंद्र पर ही कराएं।
2. Passport और Emirates ID किसी अनधिकृत व्यक्ति को न सौंपें।
3. WhatsApp या Visiting Card को सरकारी पहचान न मानें।
एजेंट की स्वतंत्र रूप से जांच करें।
4. “आज ही काम होगा” जैसे दबाव से सावधान रहें।
जल्दबाजी करवाना ठगी का बड़ा संकेत हो सकता है।
5. Embassy के नाम पर biometric मांगने वाले व्यक्ति पर भरोसा न करें।
6. नौकरी या Visa के नाम पर मिलने वाली अनजान पेशकश को पहले Verify करें।
7. संदेह होने पर सीधे Indian Consulate या UAE authorities से पुष्टि करें।
भारतीय नागरिक शिकायत या सत्यापन कहां करें?
Dubai स्थित Pravasi Bharatiya Sahayta Kendra (PBSK) से एजेंट की credentials verify कराने या सहायता लेने के लिए Consulate ने Toll-Free 80046342 नंबर दिया है। WhatsApp/SMS के लिए 00971543090571 नंबर और आधिकारिक ईमेल माध्यम भी उपलब्ध है।
संदिग्ध गतिविधि मिलने पर भारतीय नागरिकों को Indian Consulate और संबंधित UAE authorities को रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।
यह सिर्फ Visa Scam नहीं है
इस पूरे मामले को केवल Fake Agent Scam समझना अधूरा होगा। असली चिंता Identity Theft + Financial Fraud का संभावित संयोजन है।
पहले साइबर अपराध में ठग OTP, कार्ड या इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड हासिल करने पर ज्यादा निर्भर रहते थे। अब पहचान सत्यापन की प्रक्रियाओं के बढ़ने के साथ Biometric Data भी एक संवेदनशील डिजिटल संपत्ति बन गया है।
हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि किसी व्यक्ति का fingerprint या face scan अपने-आप उसके नाम पर बैंक खाता या loan खोल देता है। वास्तविक वित्तीय संस्थानों में अलग-अलग Verification और Compliance Checks होते हैं। लेकिन Consulate की चेतावनी का महत्व इस बात में है कि अपराधी biometric सहित व्यक्तिगत जानकारी के कई हिस्सों को मिलाकर पहचान का दुरुपयोग करने की कोशिश कर सकते हैं।
इसलिए सबसे सुरक्षित सिद्धांत है:
“Biometric Verification जरूरी हो तो भी केवल Official Government Counter पर—किसी अनजान एजेंट के निजी डिवाइस पर नहीं।”
निष्कर्ष
UAE में भारतीयों के लिए जारी यह चेतावनी बताती है कि ठगी का तरीका अब सिर्फ पैसे या OTP तक सीमित नहीं रह गया है। फर्जी एजेंट Visa, नौकरी, Emirates ID और Exit Permit जैसी वास्तविक जरूरतों का इस्तेमाल करके लोगों से अत्यंत संवेदनशील पहचान संबंधी जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।
इसलिए UAE में रहने वाले भारतीयों को एक बात हमेशा याद रखनी चाहिए:
Passport संभालकर रखें, Emirates ID सुरक्षित रखें और Biometric Data केवल आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया में ही दें।
किसी एजेंट का दावा कितना भी भरोसेमंद क्यों न लगे, पहले Verification—फिर Biometric।
