“Job Scam”: मुंबई में Shipping jobs का झांसा: 75 युवाओं से ₹1.73 करोड़ की ठगी!!!!!
नवी मुंबई में शिपिंग नौकरी का झांसा, 75 युवाओं से ₹1.73 करोड़ की ठगी….
महाराष्ट्र के नवी मुंबई से एक बड़ा जॉब फ्रॉड सामने आया है। यहां एक शिपिंग कंपनी के मालिकों और कर्मचारियों समेत आठ लोगों पर 75 नौकरी चाहने वाले युवाओं से करीब ₹1.74 करोड़ की ठगी करने का आरोप लगा है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे दिया गया धोखा?
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने युवाओं को मर्चेंट नेवी और शिपिंग सेक्टर में आकर्षक वेतन वाली नौकरियों का लालच दिया। कुछ लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का भी वादा किया गया। इसके बदले उम्मीदवारों से “रजिस्ट्रेशन फीस”, “प्रोसेसिंग फीस”, “ट्रेनिंग चार्ज” और “डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन फीस” के नाम पर लाखों रुपये जमा कराए गए।
पिछले दो महीनों में आरोपियों ने 75 युवाओं से कुल ₹1,73,81,400 वसूल लिए। लेकिन न तो किसी को नौकरी मिली और न ही पैसे वापस किए गए। जब पीड़ितों ने कंपनी से संपर्क करना शुरू किया, तो आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और कार्यालय से भी गायब हो गए।
शिकायत के बाद खुला पूरा खेल….
एक पीड़ित ने खारघर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और अन्य 74 पीड़ितों की जानकारी भी पुलिस को सौंपी। इसके बाद पुलिस ने कंपनी के मालिकों और कर्मचारियों समेत आठ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की। फिलहाल किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है और पुलिस पैसों के लेन-देन तथा आरोपियों की तलाश कर रही है।
यह पहली घटना नहीं….
नवी मुंबई और मुंबई क्षेत्र में शिपिंग एवं मर्चेंट नेवी नौकरी के नाम पर ठगी के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। फरवरी 2026 में एक पिता-पुत्र की जोड़ी पर युवाओं से ₹20 लाख से अधिक की ठगी का आरोप लगा था। वहीं 2025 में भी कुछ लोगों से ₹8 लाख लेकर शिपिंग नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि बेरोजगारी और विदेश में नौकरी पाने की इच्छा का फायदा उठाकर ऐसे गिरोह युवाओं को निशाना बनाते हैं। कई फर्जी कंपनियां सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप और ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स के जरिए उम्मीदवारों से संपर्क करती हैं।
नौकरी तलाशने वालों के लिए जरूरी सावधानियां…
- नौकरी दिलाने के नाम पर पहले से भारी रकम मांगने वाली कंपनियों से सावधान रहें।
- किसी भी शिपिंग या मर्चेंट नेवी कंपनी का लाइसेंस और पंजीकरण जरूर जांचें।
- केवल आधिकारिक वेबसाइट और सरकारी पोर्टल के जरिए नौकरी के अवसरों की पुष्टि करें।
- ऑफर लेटर मिलने के बाद भी कंपनी की पृष्ठभूमि की जांच करें।
- संदेह होने पर तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?
यह मामला सिर्फ ₹1.73 करोड़ की ठगी नहीं, बल्कि 75 परिवारों के सपनों और भविष्य से जुड़ा है। नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं के लिए यह एक बड़ी चेतावनी है कि “गारंटीड नौकरी” और “विदेश में मोटी सैलरी” जैसे दावों पर आंख बंद करके भरोसा करना भारी पड़ सकता है।
