Online investment घोटला: मुंबई के 67 वर्षीय कारोबारी को लगा बड़ा चूना!!!
₹82.5 लाख का ऑनलाइन निवेश घोटाला: मुंबई के 67 वर्षीय कारोबारी को ठगों ने लगाया बड़ा चूना…..
मुंबई में साइबर ठगी का एक और बड़ा मामला सामने आया है। 67 वर्षीय एक कारोबारी को ऑनलाइन निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर साइबर ठगों ने करीब 82.5 लाख रुपये की ठगी कर ली। यह पूरा खेल फर्जी WhatsApp और Telegram ग्रुप के जरिए रचा गया, जहां खुद को शेयर बाजार विशेषज्ञ बताने वाले लोगों ने पीड़ित का विश्वास जीत लिया।
कैसे शुरू हुआ धोखाधड़ी का खेल?
पीड़ित को पहले एक निवेश समूह में जोड़ा गया, जहां रोजाना शेयर बाजार में भारी कमाई के दावे किए जाते थे। ग्रुप में मौजूद लोग खुद को किसी प्रतिष्ठित वित्तीय कंपनी से जुड़ा बताते थे और निवेशकों को “सीमित समय के खास अवसर” का लालच देते थे।
ठगों ने शुरुआत में फर्जी वेबसाइट और ऑनलाइन पोर्टल पर छोटे-छोटे मुनाफे दिखाए। इससे कारोबारी को लगा कि निवेश वास्तव में बढ़ रहा है। भरोसा बनने के बाद उन्होंने कई बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी।
सच्चाई का पता कब चला?
जब कारोबारी ने अपना पैसा और कथित मुनाफा निकालने की कोशिश की, तब ठगों ने नए-नए बहाने बनाने शुरू कर दिए। कुछ समय बाद उनका संपर्क पूरी तरह बंद हो गया। तब पीड़ित को एहसास हुआ कि वेबसाइट पर दिखाई जा रहा लाभ पूरी तरह फर्जी था और उसके साथ करोड़ों की साइबर ठगी हो चुकी है।
यह ठगी का नया ट्रेंड बन चुका है
पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र और देश के कई हिस्सों में इसी तरह के मामले सामने आए हैं—
- एक सेवानिवृत्त वैज्ञानिक से लगभग 1.3 करोड़ रुपये की ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी हुई।
- पुणे के एक वरिष्ठ नागरिक से 22 करोड़ रुपये की निवेश धोखाधड़ी की गई।
- नवी मुंबई के एक व्यक्ति से 1.32 करोड़ रुपये फर्जी शेयर ट्रेडिंग योजना के नाम पर ठगे गए।
- एक रिटायर्ड आईटी प्रोफेशनल से 4.43 करोड़ रुपये की साइबर निवेश ठगी की गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि ठग अब सोशल मीडिया, WhatsApp और Telegram का इस्तेमाल करके लोगों को “गुरु”, “स्टॉक एक्सपर्ट” और “इनसाइडर टिप्स” के नाम पर फंसाते हैं।
आम लोग कैसे बचें?
✅ किसी WhatsApp या Telegram ग्रुप में मिले निवेश सुझाव पर तुरंत भरोसा न करें।
✅ यदि कोई प्लेटफॉर्म बहुत कम समय में बड़ा मुनाफा देने का दावा करे, तो सावधान हो जाएं।
✅ केवल पंजीकृत और अधिकृत निवेश प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।
✅ पैसे भेजने से पहले कंपनी और वेबसाइट की जांच करें।
✅ ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें।
निष्कर्ष
यह मामला दिखाता है कि साइबर ठग अब बेहद पेशेवर तरीके से लोगों को निशाना बना रहे हैं। फर्जी वेबसाइट, नकली मुनाफा और प्रसिद्ध कंपनियों के नाम का इस्तेमाल कर वे भरोसा जीतते हैं। निवेश करते समय “जल्दी अमीर बनने” का लालच सबसे बड़ा जाल साबित हो सकता है। थोड़ी सतर्कता आपकी जीवनभर की कमाई बचा सकती है।
