सरकारी नौकरी का सपना दिखाकर लाखों की ठगी, नागपुर में पांच लोगों पर FIR से मचा हड़कंप।
नागपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ₹6.5 लाख की ठगी, 5 लोगों पर FIR…..
नागपुर में शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 65 वर्षीय व्यक्ति और उसके दोस्त से कुल ₹6.5 लाख लेने का मामला सामने आया है। गणेशपेठ पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नागपुर में सरकारी नौकरी का लालच देकर कथित ठगी का एक और मामला सामने आया है। गणेशपेठ पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाकर एक 65 वर्षीय व्यक्ति और उसके दोस्त से कुल ₹6.59 लाख के आसपास रकम ली।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों में राहुल बहोरिया, शुभम भुरघाटे, अभिजीत कृष्णराव देशमुख, सीमा खंडेलवाल और गीत अवस्थी के नाम शामिल हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैसे शुरू हुआ पूरा मामला?
शिकायतकर्ता किशोर सामुद्रे, जो गणजीपेठ क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं, ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल बहोरिया ने खुद को समाजसेवक के रूप में पेश किया था।
आरोप है कि उसने सामुद्रे की बेटी, बहू और परिवार के अन्य सदस्यों के लिए शिक्षा विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। सरकारी विभाग से जुड़े व्यक्ति होने या प्रभाव रखने का आभास देकर पीड़ितों का विश्वास हासिल किया गया।
पुलिस के मुताबिक, 15 जुलाई से 27 अगस्त के बीच सामुद्रे से कथित तौर पर ₹5.13 लाख लिए गए।
इसके अलावा, सामुद्रे के दोस्त गुलाब बैस से भी उनकी बेटी को नौकरी दिलाने के नाम पर लगभग ₹1.46 लाख लेने का आरोप है।
इस तरह दोनों से कथित तौर पर कुल ₹6.59 लाख वसूले गए।
पैसे वापस मांगने पर क्या हुआ?
जब नौकरी मिलने की उम्मीद पूरी नहीं हुई तो दोनों पीड़ितों ने अपनी रकम वापस मांगी। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने पैसा वापस नहीं किया।
इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा और गणेशपेठ पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपियों ने केवल इन दो लोगों को निशाना बनाया था या इसी तरीके से और लोगों से भी पैसे लिए गए हैं।
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात क्या है?
यह सिर्फ नौकरी के नाम पर पैसे लेने का मामला नहीं है, बल्कि विश्वास का इस्तेमाल करके आर्थिक ठगी करने वाला पारंपरिक Job Scam दिखाई देता है।
ऐसे मामलों में ठग अक्सर तीन चीजों का इस्तेमाल करते हैं:
1. सरकारी नौकरी का आकर्षण
सरकारी नौकरी को सुरक्षित और स्थायी करियर माना जाता है। इसी भरोसे का फायदा उठाया जाता है।
2. प्रभावशाली व्यक्ति होने का दावा
कभी आरोपी खुद को नेता, अधिकारी, समाजसेवक, कर्मचारी या किसी बड़े व्यक्ति का करीबी बताकर विश्वसनीयता बनाने की कोशिश करते हैं।
3. पहले भरोसा, फिर भुगतान
पीड़ित को नौकरी की प्रक्रिया आगे बढ़ने का भरोसा दिया जाता है और अलग-अलग चरणों में रकम मांगी जाती है।
इस मामले में भी कथित तौर पर पहले संपर्क और भरोसा बनाया गया तथा बाद में नौकरी दिलाने के नाम पर रकम ली गई। यह पैटर्न Social Engineering Fraud से मिलता-जुलता है।
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी से कैसे बचें?
भारत के Indian Cybercrime Coordination Centre (I4C) के अनुसार, Job Fraud में लोगों को नौकरी या बेहतर रोजगार का झूठा भरोसा देकर ठगी की जाती है। I4C ने Fake Job Offer SMS और फर्जी Job Racket को लेकर भी नागरिकों को सावधान किया है।
किसी भी नौकरी के लिए पैसा देने से पहले:
- सरकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर भर्ती की पुष्टि करें।
- भर्ती का विज्ञापन नंबर, पद, योग्यता और आवेदन प्रक्रिया जांचें।
- किसी व्यक्ति के कहने मात्र पर यह न मानें कि वह सरकारी अधिकारी या विभाग का संपर्क है।
- Joining Letter, Appointment Letter या पहचान-पत्र को देखकर ही उसे असली न मानें।
- नौकरी पक्की कराने, मेडिकल, दस्तावेज सत्यापन या नियुक्ति के नाम पर निजी खाते में बड़ी रकम मांगना गंभीर Red Flag है।
- बातचीत, WhatsApp चैट, कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और रसीद जैसे सभी सबूत सुरक्षित रखें।
अगर ठगी हो जाए तो क्या करें?
यदि पैसा ऑनलाइन ट्रांसफर हुआ है या मामला साइबर माध्यम से जुड़ा है तो देरी न करें। National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। I4C का पोर्टल संदिग्ध मोबाइल नंबर, WhatsApp/Telegram अकाउंट, ई-मेल, वेबसाइट और अन्य पहचानकर्ताओं को रिपोर्ट करने की सुविधा भी देता है।
महत्वपूर्ण: आर्थिक साइबर फ्रॉड में समय बहुत महत्वपूर्ण होता है। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, उतनी जल्दी संबंधित लेनदेन और खातों की जांच/रोकथाम की संभावना बढ़ सकती है।
निष्कर्ष
नागपुर का यह मामला बताता है कि सरकारी नौकरी का लालच आज भी ठगों के लिए प्रभावी हथियार बना हुआ है। खास तौर पर जब कोई व्यक्ति बिना आधिकारिक भर्ती प्रक्रिया के नौकरी दिलाने का दावा करे और बदले में लाखों रुपये मांगे, तो इसे सामान्य मदद नहीं बल्कि संभावित Job Fraud Warning Sign समझना चाहिए।
इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी आरोपों की सत्यता और आरोपियों की भूमिका जांच का विषय है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को अदालत के अंतिम निर्णय से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
