Work From Home का झांसा: दिल्ली में चीन से जुड़े साइबर नेटवर्क का पर्दाफाश, चार आरोपी पुलिस के शिकंजे में!
चीन से जुड़े साइबर फ्रॉड नेटवर्क का दिल्ली पुलिस ने किया पर्दाफाश, चार गिरफ्तार…..
नई दिल्ली, 14 अगस्त 2026: दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे इंटरनेशनल साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है, जिसके तार पुलिस के मुताबिक चीन में बैठे साइबर अपराधियों से जुड़े थे। इस नेटवर्क का काम सिर्फ लोगों को ठगना नहीं था, बल्कि ठगी की रकम छिपाने के लिए Mule Bank Accounts, SIM Cards और Cryptocurrency का इस्तेमाल करना भी था। मामले में हरियाणा और उत्तर प्रदेश से चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
₹12 लाख की ठगी से खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस की जांच एक ऐसे व्यक्ति की शिकायत से शुरू हुई, जिसे Work From Home के नाम पर ऑनलाइन टास्क पूरा करने का ऑफर दिया गया था। उसे शुरुआत में काम शुरू करने के लिए Security Deposit जमा करने को कहा गया।
इसके बाद ठगों ने उसे कमाई और ज्यादा रिटर्न का भरोसा दिया। जब पीड़ित ने कथित कमाई निकालने की कोशिश की तो अलग-अलग बहानों से उससे और पैसे जमा करवाए गए। इस तरह वह करीब ₹12 लाख गंवा बैठा। इस मामले में 17 जुलाई को ई-FIR दर्ज की गई थी।
Telegram से शुरू हुआ खेल
पुलिस के अनुसार, पीड़ित को Telegram के जरिए Work From Home टास्क का लालच दिया गया था। तकनीकी जांच में इस्तेमाल किए गए Telegram ID से जुड़े IP addresses की लोकेशन चीन से जुड़ी मिली।
हालांकि, यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है—IP address का चीन से geolocate होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि हर आरोपी चीन में मौजूद था। पुलिस ने इसी तकनीकी सुराग को अन्य सबूतों, चैट और money trail के साथ जोड़कर नेटवर्क की जांच आगे बढ़ाई।
चार गिरफ्तार, हर आरोपी की अलग भूमिका
पुलिस ने गीताम सिंह, ध्रुव, अनुज शर्मा और गगन यादव को गिरफ्तार किया है। जांच में कथित तौर पर इनकी भूमिकाएं अलग-अलग थीं।
- गीताम सिंह: पुलिस के अनुसार, चीन से जुड़े साइबर अपराधियों को Mule Bank Accounts उपलब्ध कराने में शामिल था। पुलिस का दावा है कि वह ठगी की रकम को USDT cryptocurrency में बदलता था।
- ध्रुव: अलग-अलग लोगों के बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने में कथित भूमिका। उसके पास से 9 बैंक पासबुक, 5 SIM cards और commission records वाला register बरामद हुआ।
- अनुज शर्मा: पुलिस के मुताबिक, बैंक अकाउंट खुलवाने और उससे जुड़े SIM की व्यवस्था कराने में मदद की।
- गगन यादव: कथित तौर पर अपना बैंक अकाउंट ठगी के नेटवर्क को उपलब्ध कराया और इसके बदले commission लिया।
पुलिस ने इस कार्रवाई में कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, SIM cards और commission records भी बरामद किए हैं।
असली खतरा था ‘Mule Account’
इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा Mule Bank Account है।
सरल भाषा में समझें तो यह ऐसा बैंक अकाउंट होता है जिसका इस्तेमाल अपराध की रकम को एक जगह से दूसरी जगह भेजने के लिए किया जाता है। कई मामलों में अकाउंट धारक खुद मुख्य ठग नहीं होता, लेकिन वह पैसे के लेन-देन के लिए अपना अकाउंट उपलब्ध कराता है और बदले में कमीशन लेता है।
इस मामले में पुलिस का आरोप है कि ठगी की रकम को कई बैंक खातों के बीच घुमाया गया, ताकि उसका असली स्रोत छिपाया जा सके। बाद में रकम को Cryptocurrency/USDT में बदलने की कोशिश की गई।
यह सिर्फ एक ‘Work From Home Scam’ नहीं
पहली नजर में यह मामला नौकरी के नाम पर ठगी जैसा लगता है, लेकिन जांच से सामने आया कथित मॉडल इससे कहीं ज्यादा संगठित है।
एक तरफ विदेशी ठग → दूसरी तरफ भारतीय Mule Accounts → बीच में SIM और बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाले एजेंट → फिर रकम की Layering → Cryptocurrency में Conversion
यानी साइबर अपराधियों ने ठगी को एक Supply Chain Model की तरह चलाने की कोशिश की।
यही कारण है कि साइबर फ्रॉड में केवल मुख्य ठग को पकड़ना पर्याप्त नहीं होता। Bank Account Suppliers, SIM Providers, Money Mules और Crypto Conversion Channels तक पहुंचना भी जरूरी है।
चीन लिंक पर क्या सावधानी जरूरी है?
पुलिस के मुताबिक, जांच में China-based cyber fraudsters से संपर्क और चीन से जुड़े IP addresses सामने आए हैं। गिरफ्तार आरोपी में से एक के मोबाइल से चीन स्थित साइबर अपराधियों के साथ कथित चैट भी मिली है।
लेकिन जांच अभी जारी है। इसलिए पूरे नेटवर्क को चीन की किसी सरकारी एजेंसी या पूरे देश से जोड़ना सही नहीं होगा। उपलब्ध जानकारी के आधार पर फिलहाल इतना कहा जा सकता है कि पुलिस ने चीन से जुड़े विदेशी साइबर अपराधियों और भारत में मौजूद कथित सहयोगियों के बीच संबंध की जांच शुरू की है।
भारत में बढ़ रहा है ‘Task Scam’ का खतरा
यह घटना उस बड़े पैटर्न से मेल खाती है जिसमें लोगों को Online Task, Part-Time Job, Rating/Review या Investment के नाम पर पहले छोटा भुगतान या आसान कमाई दिखाई जाती है। भरोसा बनने के बाद पीड़ित से लगातार ज्यादा रकम जमा कराई जाती है।
दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में भी यही कथित तरीका सामने आया—पहले नौकरी का लालच, फिर Security Deposit, फिर ज्यादा कमाई का भरोसा और आखिर में पैसे निकालने के नाम पर लगातार भुगतान।
हाल के महीनों में दिल्ली पुलिस ने अलग-अलग साइबर फ्रॉड मामलों में ऐसे नेटवर्क भी पकड़े हैं जिनमें Mule Accounts, Multiple Bank Transfers और International Cybercrime Links सामने आए हैं। अप्रैल 2026 में पुलिस ने एक अलग अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का भी खुलासा किया था, जिसमें 2,500 से ज्यादा शिकायतों और ₹300 करोड़ से अधिक के कथित फ्रॉड की जांच सामने आई थी।
आम लोगों के लिए सबसे बड़ा सबक
Work From Home के नाम पर अगर कोई पहले पैसे मांग रहा है, तो इसे बड़ा Red Flag मानें।
खासकर इन संकेतों से सावधान रहें:
Job Offer + Telegram/WhatsApp + Security Deposit + Guaranteed Return + Withdrawal Fee = संभावित साइबर फ्रॉड
किसी अनजान व्यक्ति को अपना Bank Account, ATM Card, UPI, SIM, OTP या Internet Banking Access बिल्कुल न दें। अपने खाते को किसी और के पैसे ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल करने देना भी गंभीर कानूनी और वित्तीय जोखिम पैदा कर सकता है।
निष्कर्ष
दिल्ली पुलिस की कार्रवाई ने दिखाया है कि आज का साइबर फ्रॉड केवल फोन करके पैसे मांगने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे International Operators, Mule Accounts, SIM Networks, Money Layering और Cryptocurrency जैसी कई कड़ियां जुड़ी हो सकती हैं।
इस केस में चार गिरफ्तारियां हुई हैं, लेकिन पुलिस अभी नेटवर्क के अन्य सदस्यों, अंतरराष्ट्रीय संपर्कों और पूरी money trail की जांच कर रही है। इसलिए फिलहाल इसे नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई का शुरुआती चरण माना जा सकता है, अंतिम निष्कर्ष नहीं।
