ऑपरेशन Cy-Vajra: 7 दिन का मिशन, साइबर माफिया के खिलाफ यूपी पुलिस का बड़ा एक्शन!
उत्तर प्रदेश में साइबर अपराधियों पर बड़ा प्रहार: 7 दिन चलेगा ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’, ₹530 करोड़ की ठगी की रकम फ्रीज
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए राज्य पुलिस ने एक विशेष अभियान ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ शुरू किया है। पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण के निर्देश पर शुरू किया गया यह 7 दिवसीय राज्यव्यापी अभियान साइबर ठगों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई करेगा। अभियान का उद्देश्य केवल अपराधियों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि ठगी के शिकार लोगों को जल्द राहत दिलाना और उनकी रकम वापस कराने की प्रक्रिया को भी तेज करना है।
आखिर क्या है ‘ऑपरेशन Cy-Vajra’?
‘Cy’ का अर्थ Cyber और ‘Vajra’ यानी वज्र—एक ऐसा अभियान जो साइबर अपराधियों के नेटवर्क पर सीधा और कठोर प्रहार करेगा।
इस अभियान के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में पुलिस और साइबर सेल मिलकर:
- साइबर अपराधियों की पहचान कर गिरफ्तारी करेगी।
- फर्जी बैंक खातों (Mule Accounts) पर कार्रवाई करेगी।
- साइबर ठगी में इस्तेमाल मोबाइल नंबर, सिम कार्ड और डिजिटल वॉलेट की जांच करेगी।
- फर्जी कॉल सेंटर, निवेश ठगी, डिजिटल अरेस्ट, OTP और UPI फ्रॉड जैसे मामलों पर विशेष निगरानी रखेगी।
- पीड़ितों की शिकायतों का तेजी से निस्तारण करेगी।
₹530 करोड़ की संदिग्ध रकम फ्रीज
उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार अब तक साइबर ठगी से जुड़े मामलों में करीब ₹530 करोड़ की संदिग्ध राशि विभिन्न बैंक खातों में फ्रीज की जा चुकी है। इसका मतलब है कि अपराधियों को वह पैसा निकालने से रोक दिया गया है। यदि जांच में रकम पीड़ितों की साबित होती है, तो कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे वापस दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
क्यों जरूरी पड़ा यह अभियान?
पिछले कुछ वर्षों में साइबर अपराधों का तरीका तेजी से बदल गया है। अब ठग केवल OTP नहीं मांगते, बल्कि:
- Digital Arrest का डर दिखाते हैं।
- Fake Investment Apps से करोड़ों की ठगी करते हैं।
- WhatsApp और Telegram पर फर्जी जॉब ऑफर भेजते हैं।
- KYC अपडेट, बिजली बिल, बैंक अधिकारी और पुलिस अधिकारी बनकर लोगों को निशाना बनाते हैं।
- AI आधारित फर्जी आवाज (Voice Clone) और Deepfake तकनीक का भी इस्तेमाल शुरू हो चुका है।
इसी बदलते खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने पूरे राज्य में एक समन्वित अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
पूरे देश में तेज हो रही कार्रवाई
सिर्फ उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश के अन्य राज्यों ने भी साइबर अपराध के खिलाफ अभियान तेज किए हैं। हाल ही में पंजाब पुलिस ने भी साइबर अपराध से जुड़े 63 हजार से अधिक बैंक खातों को फ्रीज किया था, जिनमें लगभग ₹540 करोड़ के संदिग्ध लेनदेन पाए गए। इससे स्पष्ट है कि अब राज्यों के बीच समन्वित कार्रवाई पर जोर बढ़ रहा है।
आम लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
विशेषज्ञों और पुलिस की सलाह के अनुसार:
- किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
- OTP, CVV और UPI PIN किसी के साथ साझा न करें।
- “Digital Arrest” जैसी धमकी मिलने पर घबराएं नहीं।
- निवेश से पहले कंपनी और ऐप की जांच करें।
- संदिग्ध लेनदेन होते ही तुरंत बैंक और 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।
- राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर भी तुरंत रिपोर्ट दर्ज करें।
निष्कर्ष
‘ऑपरेशन Cy-Vajra’ केवल एक पुलिस अभियान नहीं, बल्कि साइबर अपराधियों के खिलाफ व्यापक डिजिटल सुरक्षा अभियान है। ₹530 करोड़ की संदिग्ध रकम फ्रीज होना यह दिखाता है कि समय रहते कार्रवाई की जाए तो ठगी की राशि बचाई जा सकती है। लेकिन सबसे मजबूत सुरक्षा आज भी जागरूक नागरिक ही हैं। इसलिए किसी भी ऑनलाइन कॉल, मैसेज, लिंक या निवेश प्रस्ताव पर आंख बंद करके भरोसा न करें।
